शहदरा के वीवेक विहार में ग्रिल्ड दरवाज़ों ने बनायीं मौत की गोली, एसी शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 9 मौतें
ईस्ट दिल्ली के शहदरा उपनगर के वीवेक विहार में स्थित एक चार मंजिला आवासीय इमारत में कल रात करीब 3:47 बजे एक अज्ञात कारण से आग लग गई। प्रारम्भिक जांच में एसी की ध्वनि से उत्पन्न ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट को प्राथमिक कारण माना गया है, परंतु सच्चाई का पता अभी भी नहीं लगा।
आग की तेजी से फैलने की मुख्य वजह इमारत के बाहर लगे लोहे की ग्रिल और अंदर के बंद ताले थे। कई फ्लैट में द्वार पूरे रात बंद रहे, जिससे रहने वाले लोगों को बाहर निकलना संभव नहीं हो सका। बहु-आग रक्षक दल की त्वरित कार्रवाई के बावजूद, 15 से अधिक लोग बचाए जा सके, पर 9 लोगों की लाशें विभिन्न तल पर मिलीं।
स्थानीय नगरपालिका को इस इमारत के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानदंडों की अनुपस्थिति और ग्रिल व ताले स्थापित करने की अनुमति देने पर प्रश्न उठते हैं। दिल्ली नगर निगम (डीएनसी) के भवन आदेश तथा अग्निशमन विभाग द्वारा नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, परंतु इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि भवन निरीक्षण एवं आपातकालीन निकासी उपायों की दखलंदाज़ी रही है।
शहर प्रशासन ने दुर्घटना के बाद तुरंत आपातकालीन सेवाओं को स्थल पर तैनात किया और मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता की घोषणा की। साथ ही, एसी कंपनियों को भी तकनीकी जांच के लिए बुलाया गया है, जिससे भविष्य में ऐसे शॉर्ट सर्किट से बचाव उपायों को कड़ाई से लागू किया जा सके।
निवासियों ने बताया कि कई वर्षों से इमारत के ग्रिल्ड खिड़कियों और बंद दरवाज़ों को लेकर चिंतित थे, परंतु नगर निकाय की अजस्र कार्रवाई के कारण समस्या बनी रही। इस प्रकार की त्रुटियों को दोहराने से रोकने के लिए नागरिकों को भी सुरक्षा मानकों की जाँच करवाई जा सकती है, यह विशेषज्ञों की सलाह है।
आग से बचे लोगों ने अपने अनुभव को सामाजिक मंचों पर साझा किया, जहाँ कई ने प्रशासन की लापरवाही पर हल्की-फुल्की व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। "भवन में ताले इतने मजबूत थे कि आग तक नहीं, लेकिन आशा तक नहीं पहुँच पाई," एक बची हुई महिला ने लिखा। ऐसी टिप्पणीें, यद्यपि सूखी लगती हैं, लेकिन नगर प्रबंधन के प्रति आम जनता के निराशा को उजागर करती हैं।
इस घटना ने शहर में कई प्रश्न उठाए हैं: क्या निर्माण अनुमतियों के साथ सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है? क्या ग्रिल तथा ताले प्रकार की संरचनाओं पर पुनः समीक्षा की जानी चाहिए? और सबसे महत्वपूर्ण, आपदा प्रबंधन में जनता को पूर्वसूचना और निकासी योजना प्रदान करने की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है? इन सबका उत्तर प्रशासनिक तत्परता और प्रभावी निगरानी से ही संभव है।
Published: May 3, 2026