शारजाह से आए यात्री ने चेंनाई हवाई अड्डे पर आपातकालीन द्वार खोल कर एक अन्य उड़ान को मोड़ा
विंदरवेल्ली, 3 मई – चेंनाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में 23 मई को एक अप्रत्याशित घटना ने संचालन में बाधा उत्पन्न की। शारजाह से उतरते समय एक यात्री ने आकस्मिक रूप से आपातकालीन निकास द्वार खोल दिया, जिससे सुरक्षा कर्मियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा और उसी समय एक दूसरे प्रस्थान‑उड़ान को वैकल्पिक रूप से मोड़ना पड़ा।
आ incident के बाद, एंटी‑टेरर तथा सुरक्षा दल ने उस यात्री को हिरासत में ले लिया और आपातकालीन द्वार की स्थिति को सामान्य करने के लिए तकनीकी टीम को बुलाया गया। भारतीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा एजेंट (BASA) ने प्रारम्भिक रिपोर्ट जारी की कि यात्री ने द्वार को गलती से खोल दिया, जबकि वह बाहर निकलने के प्रयास में था। यह घटना तब हो रही थी जब हवाई अड्डे पर सैकड़ों यात्रियों की प्रतीक्षा चल रही थी, जिससे उड़ान की समय‑सारिणी में देरी और अतिरिक्त व्यवधान उत्पन्न हुआ।
विमानन प्राधिकरण ने तुरंत प्रभावित दूसरी उड़ान को पुन्हा नियोजित कर, यात्रियों को वैकल्पिक टर्मिनल में स्थानांतरित किया। कुल मिलाकर, 45 मिनट की देरी हुई और लगभग 120 यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इस क्रम में, एअरलाइन ने यात्रियों को बि.जी.एम.एफ. के माध्यम से सीमित खाद्य‑पेय सुविधा प्रदान की।
चेंनाई हवाई अड्डा, जो दक्षिण भारत का सबसे व्यस्त हब है, ने पिछले वर्ष में 25 मिलियन यात्रियों का प्रबंधन किया। ऐसी घटनाएँ, यद्यपि असामान्य हैं, लेकिन हवाई अड्डे की सुरक्षा और संचालन प्रक्रियाओं की पुनरावृत्ति की आवश्यकता पर प्रकाश डालती हैं। इस संदर्भ में, निदेशकालय, सिविल एविएशन (DGCA) ने मामले की स्वतंत्र जाँच का आदेश दिया, जिसमें आपातकालीन निकासों की रोक‑थाम, प्रशिक्षण और संकेत‑प्रदर्शन की समीक्षा शामिल होगी।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि “सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है; सभी यात्रियों को आपातकालीन निकासों के उपयोग के बारे में जागरूक करना हमारी प्राथमिकता होगी।” इस दौरान, हवाई अड्डे के वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए द्वारों पर अतिरिक्त सेंसर और ऑडियो‑वॉर्निंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
यह घटना संस्थागत बफ़रिंग क्षमता और आपातकालीन प्रोटोकॉल की व्यावहारिकता को प्रश्नांकित करती है। जबकि सुरक्षा बलों ने त्वरित जवाबी कार्रवाई की, यात्रियों की असुविधा और ऑपरेशनल लागत को देखते हुए, व्यवस्था को मज़बूत करने की आवश्यकता अधिक स्पष्ट हो गई है। जैसा कि अक्सर कहा जाता है, “एक खुला द्वार न सिर्फ़ हवाई अड्डे को, बल्कि यात्रियों के समय को भी अनायास ही खोल देता है।”
Published: May 3, 2026