जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: शहर

श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स ने सौ साल की यात्रा का जश्न मनाया, नगर प्रशासन की सहयोगी सुविधा के साथ

दिल्ली के उत्तर कैंपस में स्थित श्रीयाम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) ने अपने संस्थापक दिवस के सौवां वर्षगांठ समारोह को बड़े पैमाने पर मनाया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कॉलेज ने कई प्रतीकात्मक कदम उठाए, जिनमें एक विशेष डाक टिकट और पदक का विमोचन शामिल था, जो शैक्षणिक इतिहास में एक सदी की उपलब्धियों को दर्शाते हैं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था एक नाट्य प्रस्तुति, जिसका निर्देशन पूर्व छात्र अतुल सत्य कौशिक ने किया। मंचीय नाटक ने श्रोताओं को कॉलेज की शुरुआती संघर्षों से लेकर आज की वैश्विक पहचान तक के सफर में डुबो दिया। दर्शकों में कई स्कूल‑कॉलेज के छात्रों के साथ-साथ शहर के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे, जिससे इस शैक्षिक मेले का सामाजिक महत्व स्पष्ट हुआ।

ऐसे बड़े आयोजन के लिए दिल्ली नगर निगम (डीएनसी) को कई प्रायोगिक सुविधाएँ प्रदान करनी पड़ीं। ट्रैफ़िक पुलिस ने इस क्षेत्र में शॉर्ट‑टर्म बंदीस्ट्रीट का आदेश दिया, जिससे आसपास के व्यापारिक विक्रेताओं को अस्थायी रूप से रुकावट का सामना करना पड़ा। पार्किंग स्थल की कमी ने छात्रों और आम जनता को निकटवर्ती मेट्रो स्टेशन पर भीड़ का सामना करने पर मजबूर किया, जिससे शहर के सार्वजनिक स्थानों की निरंतरता पर हल्की‑सी हँसी‑मज़ाक के साथ सवाल उठे।

नगर प्रशासन ने विशेष रूप से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, कॉलेज परिसर में सीसीटीवी कैमरे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए। हालांकि, आयोजकों ने बताया कि अति‍तापी भीड़ के कारण कुछ शौचालयों में सुविधाओं की कमी स्पष्ट रही, जो कॉलेज के बुनियादी ढाँचे के नवीनीकरण की आवश्यकता को उजागर करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि भले ही संस्थान का शैक्षणिक वारसा चमक रहा हो, छात्रों की रोज़मर्रा की सुविधाएँ अभी भी सुधार की माँग कर रही हैं।

संकलित रूप से, SRCC का शताब्दी उत्सव न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों को सराहता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि शहर की प्रशासनिक व्यवस्था बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में कैसे पिचीदा‑पिचीदा सहयोग प्रदान करती है। जबकि नगरपालिका विभाग ने सुरक्षा और ट्रैफ़िक नियंत्रण में तत्परता दिखाई, समान्य नागरिक सुविधाओं की कमी ने भविष्य में ऐसे समारोहों के लिए बेहतर योजना की आवश्यकता को स्पष्ट किया। इस प्रकार, एक सदी की विरासत के साथ चलते हुए, संस्थान और शहर दोनों को आगे की दिशा में संतुलन स्थापित करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

Published: May 4, 2026