विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?
आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें।
शेखपुरा में 22 वर्षीय डाइटेटिक्स छात्र की आत्महत्या, प्रशासन पर सवाल
शेखपुरा, बिहार – 22 वर्षीया डाइटेटिक्स छात्र कुणाल कुमार को उनके घर पर लटके हुए पाया गया और तुरंत अस्पताल ले जाने के बाद मृत घोषित किया गया। इस दुखद घटना ने न केवल परिवार को आघातग्रस्त किया, बल्कि स्थानीय प्रशासन की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर भी कठोर प्रश्न खड़े कर दिए।
परिवार के अनुसार, कुणाल को पूर्व की किसी भी शारीरिक बीमारी या शैक्षणिक समस्या की रिपोर्ट नहीं थी। उनकी मौत के बाद शेखपुरा पुलिस ने त्वरित रूप से एफआईआर दर्ज की, लेकिन कब और कैसे आत्महत्या रोकथाम उपाय लागू किए जाएंगे, इस पर कोई स्पष्ट कार्रवाई अभी तक संप्रेषित नहीं हुई है।
शेयराम्बा कॉलेज, जहाँ वह पढ़ रहा था, ने अपना सामान्य संकट सम्पर्क बिंदु "काउंसलिंग सेल" कई वर्षों से बंद रखी हुई है। जबकि राज्य स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष केन्द्र स्थापित करने की नीति अस्तित्व में है, शेखपुरा में बजट प्रतिबंध और प्रशासनिक अज्ञानता के कारण कोई प्रायोगिक पहल नहीं दिखाई देती।
शहर के स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक रूप से एक हेल्पलाइन स्थापित करने का वादा किया, परंतु स्थानीय नागरिकों के मुताबिक वह अभी तक कार्य शुरू नहीं कर पाई है। इस तरह की लापरवाही को देखते हुए नागरिक समाज समूहों ने दलील दी है कि शैक्षणिक संस्थानों और नगर निगम द्वारा मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और त्वरित हस्तक्षेप की व्यवस्था न केवल अनिवार्य है, बल्कि जीवनरक्षक भी बन चुकी है।
स्थानीय प्रशासन अक्सर आधिकारिक बयानों में कहा जाता है कि "ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की जाँच पूरी तरह से की जाएगी," परन्तु वास्तविकता में ऐसे बयान अक्सर कागज़ी औपचारिकता तक सीमित रह जाते हैं। जैसा कि शेखपुरा की पुरानी सड़कों की मरम्मत में महीनों लगते हैं, वैसी ही गति से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुधार कार्यवाही में भी धीरे-धीरे चलना पड़ता है।
कुणाल के परिवार ने अभी तक यह नहीं कहा कि वे प्रशासन से कोई मुआवजा या संवेदनशीलता की माँग करेंगे, परन्तु अनिवार्य प्रश्न यह बना रहता है कि क्या भविष्य में इसी तरह के मामले को टाला जा सकता था, यदि शेखपुरा में एक सक्रिय परामर्श केंद्र, सुलभ हेल्पलाइन और समय पर पुलिस प्रतिक्रिया मौजूद होती।
Published: May 7, 2026