विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?
आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें।
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में आरटीई प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए माता‑पिता को बुलाया
वित्तीय वर्ष 2026‑27 में राष्ट्रीय शैक्षिक अधिकार (आरटीई) के तहत निजी संस्थानों में प्रवेश की समय सीमा को लेकर शिक्षण विभाग ने एक तीक्ष्ण कदम उठाया है। विभाग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी किया है कि वे अपने आरटीई‑आधारित प्रवेश प्रक्रिया को ट्रांसपेरेंट बनाने के लिये सीधे अभिभावकों को संपर्क करें।
नव निर्मित दस्तावेज़ी जाँच‑सूची के अनुसार, प्रत्येक स्कूल को निकटतम दो महीनों में सभी आरटीई‑योग्य बच्चों के दस्तावेज़ संकलित कर एक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इस सूची में जन्म प्रमाणपत्र, निवास प्रमाण, राशन कार्ड, तथा बाल अधिकार सर्वेक्षण (बेर) के अंक शामिल हैं। अनुपालन न होने पर स्कूल को आर्थिक दंड व लाइसेंस रद्दीकरण का जोखिम झेलना पड़ेगा।
परिचालन के संभावित जटिलताओं को देखते हुए, शिक्षा विभाग ने प्रत्येक निजी स्कूल में एक लिआज़ॉन अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा है। यह अधिकारी अभिभावकों और विद्यालय प्रशासन के बीच मध्यस्थ के तौर पर कार्य करेगा, दस्तावेज़ी प्रक्रिया को तेज़ करेगा और समय‑सीमा के उल्लंघन को रोकने में मदद करेगा। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि "यह कदम केवल नौकरशाही नहीं, बल्कि वास्तविक बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिये है"।
बाजार में पहले से ही कई निजी स्कूलों को इस नई व्यवस्था को लागू करने में कठिनाई की आशंका है। कुछ संस्थानों ने संकेत दिया कि अतिरिक्त कर्मी की नियुक्ति के लिये बजट की सीमा और प्रशासनिक ओवरहेड को लेकर शंकाएँ हैं। वहीं अभिभावकों को भी संभावित पेपर‑वर्क की बाढ़ से डर लगता है, विशेषकर उन परिवारों के लिये जिनकी सूचना‑प्रौद्योगिकी सुविधा सीमित है।
समीक्षकों का मानना है कि यह पहल केवल औपचारिक चेक‑लिस्ट तक सीमित रह सकती है, यदि विभाग निरंतर निगरानी व दण्ड प्रावधान को सख्ती से लागू नहीं करता। "दस्तावेज़ी सूची भी तभी कार्य करेगी जब उसका पालन वास्तविक सतह पर हो, न कि केवल फॉर्म‑परिपूर्णता के रूप में" एक शहरी नीति विश्लेषक ने टिप्पणी की।
फिर भी, यह कदम निजी शिक्षा क्षेत्र में आरटीई के प्रभाव को गहरा करने के लिये एक महत्त्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यदि अभिभावकों का सहयोग और स्कूल प्रशासन की सक्रिय भागीदारी मिलती है, तो यह व्यवस्था असमानता को घटाकर सभी वर्गों के बच्चों को समान शैक्षिक अवसर प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम बन सकती है।
Published: May 8, 2026