वडोदरा में नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिरासत में थुड़मारी के आरोप में पाँच लोगों ने contempt कार्रवाई की मांग
गुजरात के वडोदरा में पाँच नागरिकों ने शनिवार को सत्र अदालत में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने नौ पुलिसकर्मियों के विरुद्ध contempt कार्रवाई की माँग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 2025 के अंत में पुलिस रुकावट के दौरान उन्हें शारीरिक थुड़मारी, मेडिकल सहायता से वंचित किया गया और कई बार पीटा गया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा अदालत के आदेशों के अनुसार जाँच‑प्रोटोकॉल और रिपोर्ट प्रस्तुत करने में लापरवाह व्यवहार किया गया।
आरोपियों का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान उचित प्रक्रिया अपनाई गई और किसी भी प्रकार की बर्बरता नहीं हुई। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं के दावे अप्रमाणित हैं और दायर की गई याचिका का कोई वैध आधार नहीं है।
वडोदरा पुलिस दिपार्टी ने अदालत के आदेशों को पूर्ण रूप से लागू करने का वचन दिया, परन्तु याचिकाकर्ता पक्ष का कहना है कि कई पुलिस अधिकारी लगातार रिकार्ड जमा करने में देरी कर रहे थे, जिसके कारण अभियोक्ता को पुनः याचिका दायर करनी पड़ी। यह मामला अब न्यायालय के समक्ष है और आगे की सुनवाई में पुलिस को अदालत के निर्देशों का पालन न करने पर contempt के दण्ड के साथ ही प्रशासनिक दंड का सामना करना पड़ सकता है।
वडोदरा प्रशासन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि पुलिस द्वारा कोई अनियमितता सिद्ध होती है तो तुरंत उचित कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि ऐसी घटनाएँ सार्वजनिक विश्वास को धुंधला करती हैं और पुलिस को जवाबदेह बनाना आवश्यक है, विशेषकर जब सुरक्षा और अनुशासन का मामला हो।
यह विवाद न सिर्फ स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, अधिकार‑रक्षा और न्यायिक निगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करता है। यदि अदालत में पुलिस को contempt का फैसला सुनाया गया तो यह वडोदरा के पुलिस सुधार पहल के लिये एक ठोस संकेत बन सकता है, जिससे भविष्य में अपराधियों की हिरासत में अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Published: May 6, 2026