विवेक विहार में आग: एसी विस्फोट और वायरिंग त्रुटि की जांच शुरू
नई दिल्ली के विवेक विहार क्षेत्र में बुधवार देर दोपहर एक आवासीय कॉम्प्लेक्स में तेज़ आग लगी, जिससे चार परिवारों को अपना घर और अस्थायी रूप से दो लोगों की जानें खतरे में पड़ गईं। शहर के स्थानीय प्राथमिकता वाला फ़ायर डिपार्टमेंट घटना स्थल पर पहुँचा और आग को दो घंटे में नियंत्रित कर लिया, परंतु वैध कारण से बहुस्तरीय क्षति हुई।
प्राथमिक सर्वेक्षण में यह संकेत मिलता है कि आग की उत्पत्ति एयर कंडीशनर (एसी) के अचानक विस्फोट से हुई, और उसके साथ ही अनुचित विद्युत वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की संभावना भी सामने आई। इस पर नगर निगम ने तुरंत एक विशेषज्ञ जांच टीम गठित की, जिसमें नगर विकास विभाग, विद्युत निरीक्षण बोर्ड और स्वतंत्र फोरेंसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर्स शामिल हैं।
पुलिस ने FIR दर्ज कर अपराधियों या लापरवाहों को खोजने का आदेश दिया, जबकि नगरपालिका ने प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, ढालिए भोजन व आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की। इस बीच, बीमा कंपनियों को नुकसान के प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, और राहत के तौर पर प्रतिपूर्ति के लिए विशेष योजना का एलान किया गया।
आग के बाद निवासियों ने बताया कि कई वर्षों से एसी के रखरखाव में कमी, जुड़ी हुई इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स की अनियमितता और अनुपालन निरीक्षण की कमी ने इस आपदा को जन्म दिया। नगर निगम की ओर से कहा गया कि नियमित रखरखाव और निरीक्षण शेड्यूल में देरी के कारण इस तरह की त्रुटि नहीं होनी चाहिए थी।
स्थानीय प्रशासन के बयान में यह कहा गया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिये हर साल दो बार एसी व इलेक्ट्रिकल सिस्टम की व्यापक जाँच की जाएगी। हालांकि, पिछले वर्षों में इस दिशा में कई बार लापरवाही के आरोप लगे हैं, जिससे नागरिकों में सतर्कता और निराशा का मिश्रण बना हुआ है।
जैसे बिजली कटौती ने हर साल दिल्ली के घरों को अंधकार में डुबोया, इस बार धारा ने अपना ‘सौंदर्य’ दिखाते हुए घर को धधकती ज्वालाओं में बदल दिया – एक अनपेक्षित जलवायु प्रदर्शन की तरह। इस पर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि बिना नियमानुसार रखरखाव के सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ही जोखिम की चिंगारी बन सकते हैं, और प्रशासन को इनका अभाव नहीं, बल्कि सक्रिय निगरानी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
स्थिति अभी भी नियंत्रण में है, लेकिन जवाबदेही और त्वरित अनुकूलन की आवश्यकता स्पष्ट है। नागरिकों की सुरक्षा को केवल सुधारात्मक कदमों से नहीं, बल्कि मूलभूत बुनियादी ढाँचे की निरंतर देखरेख से ही सुनिश्चित किया जा सकता है।
Published: May 6, 2026