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Category: शहर

वाटिका चौक‑घाटा चौक तक 8‑लेन निर्माण को लेकर नगर पालिका में तीखी बहस

मुख्य शहरी मार्ग वाटिका चौक‑घाटा चौक के लिए घोषित 8‑लेन रूपांतरण योजना को लेकर शहर की नगर परिषद, सार्वजनिक कार्य विभाग (PWD) और स्थानीय निवासी समूहों के बीच बहस तेज़ हुई है। योजना के तहत लगभग 6.5 किमी लंबी एक‑तीन‑किलोमीटर‑ब्यापी सड़कों को चौड़ाई में चार गुना बढ़ाकर दो‑तरफ़ा आठ लेन बनाना, वर्तमान ट्रैफिक जाम को दूर करने के लिये प्रस्तावित है।

योजना की निधि राज्य हाईवे प्राधिकरण (SHR) द्वारा 1,200 करोड़ रुपये की मंजूरी के साथ, 2026‑27 वित्त वर्ष में रिलीज़ होने का अनुमान है। नगर निगम के सीटीओ ने बताया कि काम दो चरण में किया जाएगा: प्रथम चरण में मौजूदा 4‑लेन सड़क को दो ओर से दो‑दो लेन तक विस्तारित करना, और द्वितीय चरण में दो अतिरिक्त लेन जोड़ना। कार्यप्रणाली में भूमि अधिग्रहण, पानियों के पुनर्वास और सड़कों के नीचे मौजूदा जलीय-निकासी की जाँच शामिल है।

हालाँकि, इस परियोजना को लेकर कई नागरिक प्रश्न उठे हैं। बिजली व पानी विभाग के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस मार्ग के नीचे कई निचले‑स्तर के जल निकासी टनल स्थित हैं, जिनमें बदलाव के बिना जलभराव की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी बस्तियों में से कुछ को रिश्ते‑संदेश के तहत आधे किलोमीटर से अधिक जमीन अधिग्रहित करनी पड़ रही है, जिससे घरेलू विस्थापन का खतरा उठता है। नागरिक समूह ‘हमारा वाटिका’ ने पटीली जमीनी कीमतें, रिवर्स प्राइसिंग और पुनर्वास प्रावधानों पर अनिश्चितता को लेकर नगर परिषद को जवाबदेह ठहराया है।

शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि 8‑लेन विस्तार के पीछे का मुख्य “ड्राइव‑टू‑इंडस्ट्री” प्रेरणा व्यर्थ नुकसान से बचाव नहीं बल्कि दीर्घ‑कालिक ट्रैफिक प्रबंधन में एक बार फिर नयी जटिलता जोड़ूँगी। विशेषज्ञ डॉ. वेंकटेश राव ने कहा, “यदि पाँच साल बाद भी इन लेनों में भीड़भाड़ बनी रहती है, तो यह ‘पार्किंग‑का‑रिडीमेड’‑पैकेज” बनकर रह जाएगा।” वे इस बात पर भी बल देते हैं कि योजना में “हरित बफ़र” और “साइकल‑लेन” के अभाव से शहर के पर्यावरणीय लक्ष्यों की ध्वनि घटेगी।

नगर परिषद ने इन बातों को नोटिस में लेते हुए कहा कि “बजट में अल्पकालिक विविधता के बावजूद, डेडलाइन से पहले काम पूरा करने के लिये प्रगतिशील निगरानी और सार्वजनिक‑संकट‑सानुकूल पुनर्वास योजना तैयार की जा रही है”। उन्होंने इस भी कहा कि “आवेगशील ट्रैफिक की तीव्रता और भविष्य‑प्रदर्शन को देखते हुए, 8‑लेन निर्माण का प्राथमिक उद्देश्य मौजूदा बॉटल‑नेक को हटाकर आर्थिक विकास को गति देना है।”

वास्तव में, इस परियोजना के सामने दो‑मुखी दर्पण है: एक ओर शहर में औद्योगिक और वाणिज्यिक धारा को सस्य बनाने की संभावनाएँ, और दूसरी ओर, अनिच्छित सामाजिक‑पर्यावरणीय प्रभाव जो नागरिकों के दैनिक जीवन में बाधा पैदा कर सकता है। अगले महीने में आयोजित होना तय सार्वजनिक सुनवाई इस विषय पर स्पष्ट दिशा‑निर्देश देने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

Published: May 4, 2026