विजयवाड़ा नगर निगम ने पूर्व-मानसून कार्य में तेजी दिखाई
विजयवाड़ा नगर निगम (VMC) ने इस वर्ष मानसून के पूर्वसंध्या में जल निकासी, सड़क मरम्मत और सतत जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने का ऐलान किया। कुल ₹१.५ अरब के बजट के तहत ३०० सफाई दल, २०० अतिरिक्त जल‑पंप और ५००० गड्ढों की भरपाई के लिए कार्य आदेश जारी किए गए।
मुख्य कार्यों में प्रमुख नालियों की पूरी सफाई, बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में जल‑धारण क्षमता बढ़ाने के लिए सड़क‑क्लॉज़र को सीमेंट‑कोटिंग से मजबूत करना और लिफ्ट‑स्टेशनों की नियमित जाँच शामिल है। साथ ही, नगर निगम ने १०० किमी सड़क नेटवर्क में पक्की‑कटाई और कूद‑पॉर्टिंग को प्राथमिकता दी है, ताकि अचानक बारिश में वाहन रहना ‘बग़ुला’ न बन जाए।
कर्मचारियों को डिजिटल निरीक्षण प्रणाली से लैस किया गया है; हर दैनिक रिपोर्ट को क्लाउड‑आधारित डैशबोर्ड में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही, २४×७ हेल्पलाइन १‑800‑VMC‑MNO से नागरिक शिकायतों की त्वरित समाधान की संभावना बढ़ी है।
ट्रैफ़िक विभाग ने भी क्षतिग्रस्त चौराहों पर अस्थायी रूटिंग और संकेतक बोर्ड स्थापित कर यात्रियों को ‘रन‑ऑफ‑फ़्लोर’ से बचाने की योजना बनाई है। इस पहल का उद्देश्य न केवल मौसमी जल‑जमाव को रोकना है, बल्कि उस चक्रव्यूह को तोड़ना है जहाँ प्रत्येक वर्ष ‘बुधवार की बारिश’ के बाद कूड़ा‑कटाव के बारे में नई शिकायतें आती रहती हैं।
परन्तु, नागरिक संगठनों में अभी भी शेष कार्यों को लेकर अनिच्छा झलक रही है। पिछले वर्ष के मानसून में ४०० सड़कों पर जल‑जमाव और १२०० घरों को पानी पहुंचने की घटनाओं की सूची अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हुई है। स्थानीय पीपुल्स ग्रुप ‘स्वच्छ शहर’ ने कहा, “बजट ‘विचार’ को लागू करना आसान है, पर स्थानीय स्तर पर निगरानी और समय पर कार्य पूर्णता ही असली परीक्षा है।”
विजयवाड़ा के मध्यम वर्गीय नागरिकों ने भी सोशल‑मीडिया पर “अभी तक गड्ढे नहीं भर पाए तो अगले महीने की बाढ़ के लिए कौन जिम्मेदार है?” का व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी किया। यह संकेत देता है कि प्रशासनिक तेज़ी से पहले ही जनता की धैर्य‑हदें कम हो रही हैं।
नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री हरीश चंद्र ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि इस मानसून में नागरिकों को जल‑जमाव से बचाया जाए और बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त न पड़े। योजना कई चरणों में संचालित होगी, और हर चरण के बाद स्वतंत्र निरीक्षण समिति के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।”
आगे के दो हफ्तों में नालियों की अंतिम सफाई, सड़क‑पॉर्टिंग का द्रुत कार्य और सार्वजनिक सूचना अभियान के साथ VMC का लक्ष्य है कि इस वर्ष के मानसून में ‘बाढ़‑संकट’ शब्द की जगह ‘सुरक्षित‑सर्दी’ ही सुने। समय ही बताएगा कि प्रशासनिक तेज़ी को वास्तविक सुधार में बदला जा सकेगा या फिर पिछले वर्षों की ही पुनरावृत्ति होगी।
Published: May 5, 2026