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लखनऊ में यूपी दर्शन पार्क में 'भजन क्लबिंग' का मंचन, प्रशासन की व्यवस्था पर मिली मिली सराहना
७ मई २०२६ को लखनऊ के यूपी दर्शन पार्क में एक असामान्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय संगीतकार राघव राजा के नेतृत्व में हुई इस ‘भजन क्लबिंग’ में पारंपरिक वस्त्र पहनकर आए लगभग पाँच सौ नागरिक ने देवभजन, गीत‑नृत्य और सामुदायिक हनुमान चालीसा में भाग लिया।
कार्यक्रम की योजना लखनऊ नगर निगम के संस्कृति विभाग और राज्य के पर्यटन विभाग के सहयोग से बनी थी। जिला प्रशासन ने अस्थायी मंच, ध्वनिक प्रणाली और प्रकाश व्यवस्था के लिए विशेष अनुमति दी, जबकि सुरक्षा का काम लखनऊ पुलिस ने स्थानीय बुजुर्गों और युवाओं की उपस्थिति को देखते हुए अतिरिक्त गश्तों के माध्यम से सुनिश्चित किया।
भजन‑सत्र के दौरान उपस्थित लोग फूलों की बौछार और तालियों के साथ भागीदारी करते रहे, जिससे माहौल में उत्साही ऊर्जा का संचार हुआ। कार्यक्रम के समापन में सभी ने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे विभिन्न पीढ़ियों के बीच एकजुटता की भावना को बढ़ावा मिला।
हालाँकि, कार्यक्रम के बाद पार्क के बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। कई भागीदारों ने बताया कि बैठने के लिए उपलब्ध लकड़ी की बेंचें ऐसी थीं जैसे वह भी 1970‑के दशक से ही ‘सक्रिय’ थीं। पानी की टंकी और शौचालय सुविधाएँ भी पर्याप्त नहीं थीं, जिससे कतारें बन गईं। साथ ही, कचरा डिब्बों की कमी ने कुछ क्षेत्रों में सफाई की समस्या को जन्म दिया, जिससे नगर निगम की भीड़‑प्रबंधन और स्वच्छता नीतियों पर प्रश्न उठे।
नगर निगम ने इस पहल को स्थानीय संस्कृति को जीवंत करने के प्रयास के रूप में सराहा, पर समान कार्यक्रमों के लिये भविष्य में बेहतर बुनियादी ढाँचा, विस्तृत सुरक्षा योजना और पर्यावरण‑सजग प्रबंधन उपाय अपनाने की मांग भी की। प्रशासन ने बताया कि आगामी महोत्सवों में इष्टतम सुविधाओं को सुनिश्चित करने हेतु सार्वजनिक‑निजी साझेदारी मॉडल अपनाया जाएगा।
कुल मिलाकर, ‘भजन क्लबिंग’ ने लखनऊ में पारंपरिक संगीत और आध्यात्मिक भावनाओं को सार्वजनिक स्थान पर पुनः प्रस्तुति का नया आयाम दिया, जबकि यह भी स्पष्ट करता है कि सांस्कृतिक उत्सवों की सफलता केवल कलाकारों की प्रस्तुति पर नहीं, बल्कि प्रशासनिक तत्परता और नागरिक सुविधाओं के समुचित प्रबंधन पर निर्भर करती है।
Published: May 7, 2026