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Category: शहर

लखनऊ में ऑनलाइन ठगी: 95,000 रुपये की चोरी से पीड़िता महिला की कहानी

लखनऊ पुलिस ने 3 मई को दर्ज की गई एक फ़ाइर (FIR) के तहत महिला को ऑनलाइन ठगी से 95,000 रुपये की हानि से बचाने के लिए विशेष जांच शुरू की। प्रतिवादी ने फ़ोन पर एक नकली निवेश प्रस्ताव के जरिए महिला को भरोसा दिलाया और उसे बेवकूफ़ी से रकम भेजने पर मजबूर किया।

पुलिस ने बताया कि इस प्रकार की डिजिटल धोखाधड़ी में अक्सर सामाजिक नेटवर्क या व्हाट्सएप समूहों के जरिए निजी जानकारी इकट्ठी की जाती है, जिससे पीड़िता को वैध संस्थान समझा जाता है। इस केस में अपराधियों ने वैध सरकारी वेबसाइटों की नकली प्रतियां तैयार कर, ट्रांज़ैक्शन लिंक भेजे।

लखनऊ सिटी कॉर्पोरेशन के डिजिटल साक्षरता विभाग ने इस घटना के बाद तुरंत दो‑तीन जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया। विभाग के अधिकारी ने कहा, “हमारे स्मार्ट सिटी पहल के तहत इंटरनेट कनेक्टिविटी और सार्वजनिक वाई‑फ़ाई उपलब्ध हैं, पर इन सुविधाओं के साथ सुरक्षा उपायों की कमी भी स्पष्ट हो रही है।”

डिजिटल सुरक्षा पर स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया को ठोस कदमों की जरूरत के रूप में देखा जा रहा है। शहरी नियोजन विभाग ने आगामी नगर निगम बजट में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की है, जबकि पुलिस ने नागरिकों को फर्जी संदेशों से बचने हेतु दो‑स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) अपनाने की सलाह दी।

शिकायतकर्ता, जो 38 वर्षीय गृहिणी है, ने बताया कि वह आर्थिक दबावों के कारण लंबी अवधि के बदलाव में भरोसा कर गई। “मैंने सोचा था कि यह बस एक छोटा निवेश है, लेकिन अंत में मैं बिना किसी सहायता के रह गई,” उसने कहा। इस घटना ने कई स्थानीय नागरिकों को ऑनलाइन लेन‑देनों में सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया है।

पॉलीस ने बयान दिया कि यद्यपि इस मामले में आरोपी अभी तक पहचान नहीं हो पाए हैं, लेकिन साइबर सेल ने आईपी ट्रैकिंग और फोनेटरोग्राफी के माध्यम से आगे की जांच जारी रखी है। इस बीच, नगर प्रशासन ने डिजिटल बुनियादी ढाँचे के साथ-साथ उपयोगकर्ता शिक्षा को बराबर महत्व देने की वकालत की है, जिससे “स्मार्ट सिटी” का टैग केवल कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि सुरक्षा भी दर्शाए।

Published: May 4, 2026