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Category: शहर

रात्रीकालीन 100 कॉल पर पुलिस ने दो मोटरसाइकिल धावकों की खोज शुरू की

जैसलमेर शहर के दक्षिण‑पूर्वी भाग में स्थित कालीघाट कॉलोनी की निवासी रेश्मा कुमारी ने 3 मई को लगभग 23:45 बजे आपातकालीन नंबर 100 पर कॉल करके बताया कि दो अनजान पुरुष मोटरसाइकिल पर उनके घर के सामने खड़े होकर उन्हें डराए जा रहे हैं। उक्त कॉल के तुरंत बाद शहर की पुलिस सुरक्षा बल ने घटना स्थल पर पहुँचकर स्थानीय तालाब‑जैसे बैंच पर पड़ने वाले संभावित जोखिम को दूर करने का प्रयास किया।

भारी ट्रैफ़िक और सड़क व्यवस्था की अकारण खराबी के कारण पुलिस दल को मौके तक पहुँचने में लगभग 12 मिनट का अतिरिक्त समय लगा। जब एजेंटों ने जगह पहुँच कर संभावित अपराधियों को खूँजते देखा, तो दो धावक तेज़ी से बच निकले और आगे की जाँच में उनका पता नहीं चल सका। इस कारण पुलिस ने तुरंत शहर के बड़े हिस्से में एक अधिकारी‑परिचालित तोड़‑फोड़ से बचाव अभियान शुरू किया और दो मोटरसाइकिल धावकों की तलाशी के लिये विशेष टीम स्थापित की।

पुलिस प्रशासन की इस तेज़ी से शुरू की गई खोज की सराहना भी हुई, परंतु प्रतिक्रिया में हुई देरी पर भी सवाल उठे। स्थानीय नागरिक अधिकार समूह ने कहा, “यदि आपातकालीन कॉल के बाद निष्क्रियता नहीं, बल्कि तुरंत प्रभावी कार्रवाई होती, तो इस घटना में कई संभावित नुकसान टले जा सकते थे”। शहर के महानगर योजना विभाग ने भी इस प्रकरण को एक चेतावनी के रूप में ले कर भविष्य में सड़कों की निरंतर रख‑रखाव और ट्रैफ़िक नियंत्रण के लिये अतिरिक्त संसाधन आवंटित करने का प्रस्ताव रखा।

आगे की जाँच में संभावित अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिये पास के चार पुलिस थानों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया तेज़ की गई है। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा हेतु 24‑घण्टे हेल्पलाइन की प्रतिक्रिया समय को मापने के लिये एक विशेष मॉनिटरिंग इकाई भी गठित की गयी है। यह कदम दर्शाता है कि एक मौके पर हुई चूक के बाद प्रशासनिक उत्तरदायित्व को गंभीरता से लिया जा रहा है, जबकि नागरिकों की आशा है कि अगली बार ऐसी घटनाओं में विलंब नहीं होगा।

Published: May 4, 2026