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राजस्थानी सीमा पर 8 करोड़ रुपये मूल्य का नार्कोटिक सामान बरामद, दो पंजाबियों को पकड़ा गया

राजस्थान के उत्तर‑पूर्वी सरहदियों में स्थित स्री गंगानगर में पुलिस ने दो पंजाबी तस्करों को हैरान कर दिया। एक बिना नंबर प्लेट वाली कार को रोकने के बाद, तेज़ी से किए गए पीछा और बैरियर लगाए जाने की कार्रवाई में 1.5 किलोग्राम हेरोइन, 1 किलोग्राम अफीम, पाँच विदेशी पिस्तोल और 72 कारतूस बरामद किए गए। कुल मूल्य के अनुसार इस पदार्थ की कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

अध्यक्षीय पुलिस अपराध नियंत्रण विभाग के अनुसार, यह समान्य नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रग और हथियार दोनों एक साथ मिलते‑जुलते हों। प्रारंभिक जाँच में संकेत मिला है कि ये सामग्री पाकिस्तान की ड्रोन द्वारा हवा में गिराई गई हो सकती है, जिससे सीमा‑पार निगरानी में झूठी छिद्र का पता चलता है।

जिला प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत एक विशेष आपातकालीन समिति का गठन किया, जिससे भविष्य में ऐसे ड्रोन‑आधारित गिरावट को रोकने हेतु रडार एवं इलेक्ट्रॉनिक जामिंग सिस्टम की तैनाती की योजना बनाई गई। वहीं, स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से न केवल सुरक्षा बल्कि सामाजिक-आर्थिक माहौल पर भी गहरा असर पड़ रहा है।

अधिकारी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारे सामने दोहरी चुनौतियां हैं—ड्रग तस्करी का निपटारा और सीमा सुरक्षा का सुदृढ़ीकरण। इस बार जब एक ही छत के नीचे दोनों मिलते‑जुलते हैं, तो हमारी जवाबदेही और भी स्पष्ट हो जाती है।” उनका आशावाद यह दर्शाता है कि प्रशासनिक जवाबदेही के बावजूद, तकनीकी अंतराल को भरना अभी बाकी है।

समीक्षकों ने इस पर शुष्क व्यंग्य में कहा कि यदि ड्रोन द्वारा ड्रग गिराना ‘नवीन आयुर्वेद’ बन गया, तो सरकार को शायद ‘ड्रोन‑आधारित स्वास्थ्य बीमा’ की योजना बनानी पड़ेगी। लेकिन व्यंग्य से परे, यह घटना दिखाती है कि सीमापार असली सुरक्षा केवल बल से नहीं, बल्कि विज्ञान‑प्रौद्योगिकी और अंतर‑संचालन सहयोग से ही संभव है।

Published: May 5, 2026