जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: शहर

विज्ञापन

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?

आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें

राज्य में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स की कवरेज सिर्फ 49% रही, 1.5 साल के बाद भी लक्ष्य अधूरा

राज्य सरकार ने दिसंबर 2024 में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (HSRP) के सुगम कार्यान्वयन का आदेश दिया था, ताकि चोरी‑डुप्लिकेट नंबर प्लेटों को रोककर सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सके। आज तक, राज्य परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, केवल 49% वाहन ही इस अनिवार्य सुरक्षा उपाय से लैस हैं।

विभाग के प्रमुख ने बताया कि असामान्य रूप से कम अनुपालन दर के पीछे कई कारक हैं। सबसे प्रमुख है प्रमाणित निकायों की संख्या में असंतुलन; वर्तमान में केवल 120 अधिकृत एन्क्लोजर सुविधाएँ हैं, जबकि राज्य में 15,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन केंद्र हैं। इसके अलावा, स्थापित प्लेटों की कीमत में 15‑20% की वृद्धि ने मध्यम वर्गीय वाहन मालिकों को हट कर रखा है।

निवासी संघों ने भी इस देरी को प्रशासनिक अति‑आत्मविश्वास और अपर्याप्त निगरानी का परिणाम बताया है। कई छोटे शहरों में स्थानीय निकायों ने स्थापित प्रक्रिया के पालन में देरी की, जबकि एंजेंटों द्वारा अनधिकृत वैधता प्रमाणपत्र जारी करने के मामले भी सामने आए हैं। इन अनियमितताओं से न केवल राजस्व का नुकसान हुआ, बल्कि फर्जी प्लेटों के जरिए अपराधियों को पहचान छिपाने की सुविधा भी मिली।

परियोजना के तहत अनुपालन न करने वाले मालिकों पर जुर्माना और वाहन की कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना घोषित की गई है। हालांकि, फाइन की दर को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के अचानक लागू होने वाले जुर्माने छोटे व्यवसायियों को असहाय बना देंगे।

पुलिस और परिवहन निरीक्षण टीम ने कहा कि वर्तमान में HSRP की कमी के कारण वाहन ट्रैकिंग, चोरी‑प्रकरणों में शीघ्र कार्रवाई और टोल संग्रहण में दखल बाधित हो रहा है। परिणामस्वरूप, कई मामलों में अपराधियों ने फर्जी प्लेटों के माध्यम से अल्पकालिक लाभ उठाया है।

अंततः, राज्य सरकार ने दो महीने के भीतर 75% अनुपालन लक्ष्य निर्धारित कर दिया है और अतिरिक्त 80 नई एन्क्लोजर सुविधाएँ खोलने का इरादा जताया है। लेकिन, यदि मौजूदा प्रशासनिक अक्षमताएँ और लागत‑संबंधी बाधाएँ समय पर ठीक नहीं हुईं, तो लक्ष्य केवल कागज पर ही रह जाएगा।

Published: May 9, 2026