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राज में बवंडर, ओले — तेज़ गरज से किशोर की मौत, प्रशासन से धीमी राहत

राज नगर में पिछले दो दिनों से जारी तीव्र तूफ़ान ने ओलों के साथ साथ तेज़ हवा, व्यवधानित बिजली सेवाएं और जलभराव पैदा किया। मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी, पर चेतावनी प्रसार में आई चूक के कारण कई बार फ़ोन लाइनें और स्थानीय अलार्म सिस्टम काम नहीं कर पाए।

यहां की १७ साल की किशोरी, अमन कुमावत, स्कूल के बाद खुले मैदान में खेल रही थी जब अचानक गड़गड़ाती बिजली ने उसे सीधे मार गिराया। स्थानीय पुलिस और अग्निशामक दल को घटना स्थल तक पहुंचने में दो घंटे से अधिक समय लगा, और उन्हें कई बार बाधाओं वाले जलधारा को पार करना पड़ा। अमन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, पर गंभीर क्षति के कारण वह कुछ ही क्षणों में ही दम तोड़ गई।

शमन के आदेश पर नगर निगम ने आपातकालीन आश्रय स्थलों की घोषणा की, जबकि कई क्षेत्रों में पानी के नीचे सड़कों के कारण बचाव कार्य बाधित रहा। शक्ति विभाग ने क्रमिक रूप से बिजली पुनर्स्थापित करने का वादा किया, पर कई उपभोक्ताओं ने अभी तक बिना बिजली के एक हफ्ते से अधिक का समय बिता लिया है।

शहर प्रशासन ने कहा कि वे जल निकासी प्रणाली की क्षमताओं को बढ़ाने और भविष्य में चेतावनी के प्रसार को तेज़ करने हेतु तुरंत उपाय करेंगे। परन्तु नागरिक सक्रियता समूहों ने कहा कि यह वही जवाब है जो हर मौसम आपदा के बाद सुनने को मिलता है – “कर्मोपरांत राहत”। “बिजली ने तो किशोर को सीधे सर्किट में डाल दिया, जबकि नगर निगम को अभी तक सर्किट ब्रेकर ढूँढ़ना बाकी है,” एक स्थानीय ब्लॉगर ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी में कहा।

इस घटना पर प्रमुख राजनीतिक नेता भी शोक व्यक्त कर रहे हैं, पर हस्तक्षेप की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आगामी दो हफ्तों में यदि जल निकासी और बिजली पुनर्स्थापना में ठोस प्रगति नहीं दिखती, तो नगर निगम को जवाबदेह ठहराया जा सकता है।

Published: May 4, 2026