मुंबई में BEST कॉल‑सेंटर में बिजली कटौती की शिकायतों का प्रबंधन दुविधा में
मुंबई महानगर निगम की बहु‑कार्यात्मक एजेंसी BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) के कॉल‑सेंटर को इस महीने के शुरुआती हफ्ते में बिजली कटौती की शिकायतों के अभूतपूर्व प्रभार का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग की लम्बी हीटवेव और पुरानी पुर्नस्थापना कार्यों के कारण अचानक बढ़े ट्रिप्स ने कॉल‑वॉल्यूम को दोगुना कर दिया, जिससे जवाबी समय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
शिकायतों की औसत प्रतीक्षा अवधि, जो पहले 2‑3 मिनट की थी, अब 12‑15 मिनट तक पहुँच गई। इसके साथ ही कई बार कॉल ड्रॉप होने की रिपोर्ट भी आई, जिससे नागरिकों को बार‑बार फिर से कॉल करना पड़ा। यह स्थिति न केवल सेवा स्तर को घटा रही है, बल्कि प्रशासनिक भरोसे को भी क्षीण कर रही है।
महापौर कार्यालय ने निर्देशित किया कि BEST को तत्काल ट्रांसफ़र प्रोटोकॉल अपनाना चाहिए और एस्केलेशन मैट्रिक्स को अपडेट करना चाहिए। नगरपालिका कार्यालय ने एक अतिरिक्त टेम्पररी ऑपरेटर टीम को नियोजित किया, जिससे कॉल‑सेंटर की संभाल क्षमता में 30 % तक वृद्धि की उम्मीद है। इसके अलावा, डिजिटल ग्रुप चैट और मोबाइल एप्प के माध्यम से शिकायत दर्ज करने का विकल्प दोबारा सक्रिय किया गया।
सिविल सॉसाइटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि “कॉल‑सेंटर पर लम्बी प्रतीक्षा अब सुविधा नहीं, संकट का नया रूप बन गया है।” उन्होंने यह भी नोट किया कि कई कार्यकर्ता आधी रात तक उपलब्ध रहे, फिर भी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी बनी हुई है। प्रशासनिक उत्तर में कहा गया कि “वर्तमान में सभी उपलब्ध संसाधनों को तैनात किया गया है, और अगले दो हफ्तों में नई कॉल‑रूटिंग प्रणाली लागू की जाएगी।”
साथ ही, कुछ नागरिकों ने सोशल‑मीडिया पर संकेत दिया कि वे अब एप्प के बजाय सीधे उपभोक्ता फ़ोरम में मुद्दे उठाना पसंद करेंगे, जहाँ उन्हें उत्तर मिलने की संभावना अधिक समझते हैं। यह संकेत दर्शाता है कि पारम्परिक कॉल‑सेंटर मॉडल की विश्वसनीयता धीरे‑धीरे चुनौतियों का सामना कर रही है।
बिचौलिया बात यह है कि जब कॉल‑सेंटर स्वयं ही लाइन में फँस जाए, तो वह न केवल ग्राहक सेवा का संकेत है, बल्कि शहर की बुनियादी ढाँचे की नाकामियों का भी व्यवस्थित संकेत है। भविष्य में इस तरह की त्रुटियों को रोकने के लिये बेहतर डेटा‑एनालिटिक्स, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और नागरिक‑सूचना पोर्टल का समन्वित उपयोग आवश्यक दिख रहा है।
Published: May 5, 2026