जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: शहर

मोदी-शाह की कड़ी मेहनत ने ‘बाहरी’ टैग मिटा दिया

राजस्थान के अजमेर में हाल ही में नगरपालिका विभाग ने एक बड़े विकास कार्यक्रम को त्वरित गति दी, जिससे शहर को ‘बाहरी’ या ‘परदेशी’ के रवैये से सुटकारा मिला। इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख नेता – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह – की रणनीतिक भागीदारी को नहीं नकारा जा सकता।

पिछले वर्ष शहर के कुछ हिस्सों में सड़क‑पाइलट, जल आपूर्ति और कचरा प्रबंधन के मामलों में बिखराव और देरी की आलोचना की जा रही थी। नागरिकों ने ‘बाहरी दलालों’ द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स को लेकर असंतोष व्यक्त किया, जिससे प्रशासन पर भरोसा घटता दिखा। इस माहौल में राज्य सरकार ने केन्द्र के साथ मिलकर एक संयुक्त कार्यकाल शुरू किया।

मुख्य कदमों में शामिल थे:

इन पहलों से नागरिकों को नजदीकी सुधार का स्पष्ट अनुभव प्राप्त हुआ। बाजारों में ट्रैफिक जाम की शिकायतें घट गईं, घर‑घर जल कटौती की समस्या अब पहले जैसी नहीं रही, और कचरा प्रबंधन में साफ‑सफ़ाई में उल्लेखनीय सुधार हुआ। कई स्थानीय व्यवसायियों ने कहा कि ‘अब शहर में बाहरी हाथों की ताकत नहीं, बल्कि हमारी अपनी शक्ति काम कर रही है।’

हालांकि परिणाम सराहनीय हैं, लेकिन एक सूखी आलोचना भी जरूरी है। कई परियोजनाओं में मंजूरी की प्रक्रिया में शुरुआती देरी और निजी ठेकेदारों के चयन में पारदर्शिता की कमी को लेकर सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निरंतर निगरानी और स्थानीय निकायों की स्वतंत्रता के बिना यह सुधार स्थायी नहीं ठहर सकता।

भविष्य की दिशा तय करने के लिए नगर निगम को चाहिए कि वह अपनी कार्यप्रणाली को अधिक खुले और जवाबदेह बनाए, जबकि केंद्र और राज्य के सहयोग को संतुलित रूप से आगे बढ़ाए। तभी ‘बाहरी’ टैग का पूर्ण निरूपण संभव होगा, न कि केवल धुंधले शब्दों में।

Published: May 5, 2026