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Category: शहर

मेट्रो स्टेशनों के पास फुटपाथ पर अवैध विक्रेताओं की अड़चन, साफ़ करने की योजना विफल

शहर के कई मेट्रो स्टेशनों के निकट फुटपाथ पर अवैध विक्रेताओं की भरमार ने आम यात्रियों को असहज कर दिया है। ये लटके हुए स्टॉल न केवल पैदल यात्रियों को मार्ग से वंचित करते हैं, बल्कि वाहन चालकों को भी अप्रत्याशित बाधाओं के कारण प्रवाह में बाधा उत्पन्न करती हैं।

फरवरी माह में नगर प्रशासन ने इस समस्या को सुलझाने हेतु दैनिक रूप से 'एंटीकॉम्पैक्ट ड्राइव' करने का इरादा जताया था। योजना के अनुसार, प्रत्येक मेट्रो स्टेशन के चारों ओर मौजूद अनधिकृत डिलर्स को हटाने के लिए विशेष किशोर दल द्वारा नज़र रखी जानी थी। हालांकि, प्रस्तावित कार्यवाही वास्तविकता में नहीं उतरी।

विफलता के पीछे कई कारक निहित हैं। प्रथम, विविध स्थानीय निकायों—नगर निगम, मेट्रो रेल अथॉरिटी और पुलिस—के बीच समन्वय की कमी स्पष्ट हुई। द्वितीय, विक्रेताओं की संख्या और उनके आर्थिक प्रेसेर ने अक्सर अनजाने में कार्रवाई को रोक दिया, क्योंकि उन्हें हटाने से उत्पन्न सामाजिक शोर पर विचार नहीं किया गया। अंततः, नियोजित कर्मियों एवं उपकरणों की उपलब्धता में भी निरंतर कमी रही।

परिणामस्वरूप, यात्रियों को अब भी संकरी फुटपाथ पर बाध्य रहना पड़ रहा है। इस स्थिति से न सिर्फ उनकी सुरक्षा जोखिम में है, बल्कि दैनिक आवागमन में अनावश्यक समय की हानि भी होती है। कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया, लेकिन प्रशासनिक जवाबदेही अभी तक स्पष्ट नहीं हुई।

भविष्य में इस अडचन को समाप्त करने के लिए एक समेकित कार्यप्रणाली की आवश्यकता है। इसमें स्थानीय निकायों के बीच स्पष्ट जिम्मेदारी का बंटवारा, अनधिकृत विक्रेताओं के पुनर्वसन हेतु वैकल्पिक व्यापार स्थान और नियमित निरीक्षण शामिल होना चाहिए। बिना ऐसी ठोस योजना के केवल इरादे ही बेकार रह जाएंगे, और शहर की सार्वजनिक व्यवस्था के सुधार की बात अधूरी रहेगी।

Published: May 6, 2026