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मुजफ्फरपुर में दिव्यांग व्यक्ति को पिता‑भाई ने घर में जलाकर मार दिया

बिहार के मुजफ्फरपुर में 3 मई को एक भयावह अपराध के आरोप में 45 वर्षीय दिव्यांग राजेश कुमार राय की शवरंजित लाश मिली। पुलिस की जानकारी के अनुसार, पीड़ित को उसके ही पिता एवं भाई द्वारा बिछाने पर बंधा छोड़ दिया गया, जबकि वे दूर से घर में आग लगा कर उसे जलाते रहे। धुआँ घने पड़े हुए मकान में मृत शरीर को फर्श पर रखा गया, जहाँ से भयानक दुर्गंध भर आई।

स्थानीय पुलिस ने तुरंत मामले की जाँच शुरू कर दी और प्राथमिक जांच में पता चला कि आचे को जानबूझकर जलाया गया था। पिता व भाई दोनों को अब हत्या के सज़ा योग्य अपराध के तहत गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद हिरासत में रखे गए दो आरोपी ने स्वीकार किया कि वे व्यावसायिक झगड़े एवं संपत्ति व उत्तराधिकार के विवाद के कारण इस क़दम पर पहुँचे।

यह घटना नगर प्रशासन की दिव्यांग जनकल्याण प्रबंधन में मौजूदा कमियों को उजागर करती है। मुजफ्फरपुर नगर निगम ने पिछले कुछ वर्षों में दिव्यांग लोगों के लिए विशेष सहायता‑सुविधाओं के अभाव की आलोचना का सामना किया है। अधिकारियों को यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या पीड़ित को त्वरित सामाजिक सहायता, स्वास्थ्य देखभाल या सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराए गए थे, क्योंकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि उसके पास कोई आश्रय या देखभाल प्रणाली थी।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं दिव्यांग कल्याण समिति ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों को रोकने हेतु घर‑घर कार्यकारियों की निगरानी बढ़ाई जाए, तथा दिव्यांग नागरिकों को संकट स्थितियों में तुरंत सहायता मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में आर्थिक दैविकता, मनोवृत्ति‑हीनता और पारिवारिक हिंसा को रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आवश्यक हैं।

मुजफ्फरपुर के नगरपालिका अध्यक्ष ने कहा कि जिले के भीतर सुरक्षा‑संबंधी सभी शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा और इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट को जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस तरह के अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सामाजिक सुरक्षा जाल को सुदृढ़ किया जाएगा।

भारी मनोभाव के साथ, इस घटना ने नागरिकों में सामाजिक संरचना, परिवार के भीतर हिंसा और सरकारी निगरानी की प्रभाविता पर प्रश्न उठाए हैं। स्थानीय प्रशासन के लिये यह चुनौती स्पष्ट है – न केवल अपराधी को न्याय के कटघरे में लाना, बल्कि भविष्य में ऐसे निडर हिंसा को रोकने के लिये ठोस कदम उठाना।

Published: May 3, 2026