मुख्यमंत्री ने ग्रीष्मकालीन जल आपूर्ति योजना की समीक्षा की
जैसे ही गर्मी का तापमान लगातार बढ़ रहा है, राजस्थान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने 4 मई को नई ग्रीष्मकालीन जल आपूर्ति योजना की स्थिति पर प्रधानमंत्री के साथ साक्षात्कार किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जल एवं वन विभाग, नगर निगम और ग्रामीण विकास एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर मौजूदा पाइपलाइन, जल‑टैंकर और सामुदायिक कुंओं की कार्यकुशलता की समीक्षा की।
पिछले दो साल में जल संकट के चलते कई शहरों में जल कटौती लागू हुई थी, जिससे नागरिकों को दैनिक 30‑लीटर सीमित आपूर्ति मिलती थी। योजना के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अगले तीन महीनों में 1,200 किलोमीटर नई जल‑पाइपलाइन बिछाने, 45 शहरों में अतिरिक्त टैंकर्स तैनात करने और 3,500 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक जल‑कुंए स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही, जल संरक्षण के लिये जल‑संरक्षण हेल्पलाइन को 24×7 सक्रिय करने का आदेश दिया गया।
अनुसार, विभाग ने जल भंडारण क्षमता को 25 पर्यंत बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिसका लाभ मुख्यतः जयपुर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर जैसे शहरी क्षेत्रों को मिलेगा। ग्रामीण इलाकों में, जल‑संसाधन प्रबंधन बोर्ड (WRMB) द्वारा संचालित जल‑समीक्षा समितियों को दो‑सप्ताह में स्थानीय जरूरतों का आँकलन कर रिपोर्ट जमा करनी होगी।
पर्यवेक्षक ने बताया कि, जल आपूर्ति में सुधार के लिए पुराने पाइपों का अद्यतन, लीक‑डिक्टिंग सेंसर का प्रयोग और जल‑वितरण के लिये स्मार्ट मीटर लगाना भी योजना में शामिल है। इन तकनीकी उपायों के लिये अनुमानित खर्च 1,800 कोड़ियों रुपए का बताया गया है, जिसमें केन्द्र एवं राज्य दोनों के अनुदान शामिल हैं।
समाज में इस कदम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिली हैं। कई नागरिक ने राहत की बात कही है, जबकि कुछ ने बताया कि पिछले साल की टैंकर वितरण प्रणाली में देरी और अनुचित वितरण के कारण भरोसा टूट गया था। विरोधी दल के नेता ने कहा कि योजना केवल “कागज़ी समाधान” है, और वास्तविक सुधार के लिए जल‑संरक्षण के दीर्घकालिक प्रयास आवश्यक हैं।
आखिरकार, मुख्यमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि जल की उपलब्धता केवल प्रशासनिक वादे नहीं, बल्कि नागरिक जीवन की बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने सभी प्रभागों को कहा कि “समयसीमा का पालन करें, दोषी लोगों को जवाबदेह ठहराएँ और जल‑संकट के समाधान को प्राथमिकता दें”। आगामी दो महीनों में योजना की कार्यवाही की प्रगति की तिमाही रिपोर्ट का इंतज़ार रहेगा।
Published: May 5, 2026