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Category: शहर

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मुख्यमंत्री ने उज्जैन में दीर्घकालिक विकास योजना का आदेश दिया

७ मई, २०२६ को राजस्थान के मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्र उज्जैन (उदयपुर) के लिए एक व्यापक दीर्घकालिक विकास योजना का आदेश दिया। यह घोषणा राजधानी जयपुर में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान की गई, जहाँ योजना के मुख्य बिंदुओं को उच्चाधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों के सामने रखा गया।

योजना में मुख्य रूप से जल आपूर्ति, सीवेज व निपटान, सॉलिड वेस्ट प्रबंधन, शहर के ऐतिहासिक झीलों तथा किलों की संरक्षा, सड़क‑परिवहन नेटवर्क का आधुनिकीकरण तथा स्मार्ट‑सिटी पहल शामिल हैं। पाँच वर्षों में कुल अनुमानित बजट ₹६५० करोड़ निर्धारित किया गया है, जिसे दो‑तीन चरणों में लागू किया जाएगा।

कार्यन्वयन की जिम्मेदारी उज्जैन नगर निगम, राजस्थान शहरी विकास प्राधिकरण, सार्वजनिक कार्य विभाग और राजस्थान पर्यटन विकास निगम को सौंपी गई है। इन्हें नियमित मासिक रिपोर्ट, जीआईएस‑आधारित डैशबोर्ड एवं स्वतंत्र मॉनिटरिंग समिति द्वारा निगरानी करने का प्रावधान भी योजना में सम्मिलित है।

प्रकाशित बिंदु-विशेष में जल संसाधन सुधार के लिये जल‑संग्रहण तालाबों का नवीनीकरण, १.५ लाख परिवारों तक नल‑से‑नल पानी पहुँचना, १००० मीटर तक के शहरी क्षेत्रों में सीवेज नेटवर्क का विस्तार और कचरा‑उत्पादन को २०% तक घटाने के लिये पृथक संग्रह एवं रीसाइक्लिंग प्रणाली स्थापित करना प्रमुख है। साथ ही, झील पिचोला व फतेह सागर के तटों की पुनर्स्थापना, पुरानी किलों के संरचनात्मक प्रतिरूपण और पर्यटक‑उन्मुख सुविधा केंद्रों का निर्माण किया जाएगा।

नागरिक वर्ग ने इस योजना को स्वागत किया, परन्तु पिछले दो दशकों में कई समान परियोजनाओं के अधूरे या देर से पूर्ण होने के कारण सतर्कता भी जताई। जनसंख्या के एक हिस्से ने कहा कि “कागज पर योजना हमेशा सुनहरी लगती है, असली काम में समय‑सीमा, पारदर्शिता और जमीन‑स्तर पर सहभागिता की कमी अक्सर परियोजनाओं को जलसूत्र बनाती है।”

इन चिंताओं को दूर करने के लिये सरकार ने एक स्वतंत्र ऑडिट समिति का गठन किया, जिसके सदस्य नागरिक समाज, शैक्षणिक संस्थान और नियोजित क्षेत्रों के विशेषज्ञों से चुने जाएंगे। समिति को हर तिमाही में सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत करने और किसी भी प्रगति‑अंतर पर त्वरित सुधारात्मक कदम उठाने का दायित्व दिया गया है।

यदि योजना के सभी पहलू समय पर लागू होते हैं, तो उज्जैन के नागरिकों को सतत जल आपूर्ति, साफ‑सफाई में सुधार, ट्रैफिक जाम में कमी और पर्यटन आय में वृद्धि जैसे प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे। हालांकि, अंततः सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कागजी आदेशों को वास्तविक कार्य‑क्षमता में बदलने की नवीनतम सरकारी इच्छा कितनी दृढ़ है।

Published: May 7, 2026