जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: शहर

विज्ञापन

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?

आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें

भुवनेश्वर में अपार्टमेंट आग से 3 मौतें, इमारतों की अग्नि सुरक्षा में बड़ी खामी

भोपाल के बाद ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में पिछले सप्ताह एक बहु‑मंजिला अपार्टमेंट में लगी आग ने तीन निहायती जानें ले लीं। इस त्रासदी ने शहर के अनेक उच्च‑इमारतों में अग्नि सुरक्षा के अभाव को फिर से उजागर किया।

भवन निर्माण के समय जारी किए गए नियमन के बावजूद कई आवासीय परिसरों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र (FSC) नहीं है। स्थानीय निर्माण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर के लगभग 40 % बहु‑मंजिला आवासीय प्रोजेक्ट्स ने अभी तक इस प्रमाणपत्र को प्राप्त नहीं किया है। अग्निशामक विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि अनिवार्य प्रणाली—जैसे स्वचालित स्प्रिंकलर, आपातकालीन निकास संकेत, और धुआँ डिटेक्टर—बहुतेरे इमारतों में न तो स्थापित हैं, न ही उनका निरीक्षण हुआ है।

आग के बाद नगर निगम ने तत्काल प्रभाव से व्यापक जांच का आदेश दिया और सभी बहु‑मंजिला इमारतों में सुरक्षा प्रमाणपत्र की स्थिति का सार्वजनिक रजिस्टर बनाने की बात कही। इसके साथ ही, नगर परिषद ने अगले त्रैमासिक में सभी गैर‑प्रमाणित इमारतों को बंद करने की चेतावनी दी, जिससे किरायेदारों और मालिकों दोनों को आर्थिक तनाव का सामना करना पड़ेगा।

इसे लेकर नागरिकों का गुस्सा आसमान छू रहा है। कई निवासी अपने अपार्टमेंट में रहने के अधिकार की सुरक्षा के लिए सार्वजनिक मंचों पर गढ़बड़ कर रहे हैं, जबकि कुछ मालिक इस बात को लेकर तर्क देते हैं कि “सुरक्षा प्रमाणपत्र की प्रक्रिया बहुत देर से और अनावश्यक जटिल है।” नियामक ढाँचे के इस दोहरे पक्ष को देखते हुए, विशेषज्ञों ने कहा कि न केवल प्रवर्तन बल्कि पारदर्शिता में सुधार आवश्यक है; सार्वजनिक रूप से उपलब्ध फ़ाइलों से किरायेदार आसानी से देख सकेंगे कि उनका घर “सुरक्षित” है या नहीं।

यह घटना एक कड़वे व्यंग्य के रूप में उभर कर सामने आई है: शहर के धुएँ अब किचन से नहीं, बल्कि उन इमारतों की जलती दीवारों से उठते हैं जहाँ सुरक्षा प्रमाणपत्र “आग की फुहार” के रूप में लुप्त हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन की अंतिम परीक्षा अब यह होगी कि वह कागजी औपचारिकता को ठोस सुरक्षा में बदल सके या नहीं, और बदले में नागरिकों को फिर से रात को बिना डर के सोने की अनुमति दे सके।

Published: May 6, 2026