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भिलवाड़ा में सार्वजनिक कार्य विभाग के इंजीनियर और दो ठेकेदारों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार

राजस्थान के मध्य धाम भिलवाड़ा में सार्वजनिक कार्य विभाग (PWD) के एक वरिष्ठ अभियंता और दो निर्माण ठेकेदारों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई राज्य के एंटी‑कोरप्शन इकाई (ED) ने 5 मई को की, जहाँ अभियंता पर लगभग ₹८ लाख की रिश्वत लेने का आरोप लगा। दोनों ठेकेदारों पर इसी परियोजना के लिये अनुबंध को सुरक्षित करने हेतु उसी राशि को चुकाने के प्रमाण मिले।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह मामला एक बड़े सड़कीय पुनर्निर्माण परियोजना से जुड़ा था, जिसकी कुल लागत लगभग ₹५० करोड़ थी। अभियांत्रिकी विभाग ने इस परियोजना में कई उप‑कंट्रैक्टरों को काम सौंपा था, परंतु कार्य के प्रारंभिक चरण में निर्माण सामग्री और मजदूरों के भुगतान में असामान्य देरी देखी गई। प्रस्तुतीकरण के बाद, एंटी‑कोरप्शन इकाई ने सूचना के आधार पर अभियंता और दो ठेकेदारों के कार्यालय, घर और वाहन को जाँच के लिये ठहराया।

जिला प्रतिनिधि ने बताया कि “भ्रष्टाचार के कारण सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा अक्सर आधे रास्ते में ठहर जाता है; आज की गिरफ्तारी इस बात का संकेत देती है कि प्रशासन रहस्यवादी नहीं रहेगा”। उन्होंने यह भी कहा कि “जनता को सुरक्षित, समय पर पूर्ण हुई सड़कीय सुविधाएँ चाहिए, न कि अनछुए अर्ध-निर्मित पुल” – यहाँ एक सूखे व्यंग्य के साथ यह इंगित किया गया कि अनजाने में ‘पैरिल’ बनते पुलों से नागरिकों को असुविधा ही नहीं, बल्कि शर्तिया सुरक्षा भी मिलती है।

विशेष जांचकर्ता ने यह स्पष्ट किया कि इस मामले में “प्रलेखित लेन‑देनों, बैंक स्टेटमेंट, और गवाहियों के आधार पर पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं” और आगे की जाँच में अन्य संभावित भ्रामक लेन‑देन की भी तलाश जारी रहेगी। पुलिस ने बताया कि आरोपी अभियंता को 30 दिन की हिरासत में रखा गया है, जबकि दो ठेकेदारों को न्यायिक हिरासत के तहत पेशी की तड़पे के बाद बेसिक रिहाई पर विचार किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों ने इस पर अपने मिश्रित भाव व्यक्त किए। कुछ ने कहा कि “अगर बुनियादी ढाँचा बन रहा नहीं, तो दरबार में बैठकर भ्रष्टाचार की गिनती तय नहीं कर सकती”; वहीं कुछ ने इस घटना को प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का सकारात्मक संकेत मानते हुए सराहा। कुल मिलाकर, यह केस यह दर्शाता है कि भिलवाड़ा में बुनियादी ढाँचा विकास के साथ-साथ निगरानी और जवाबदेही की भी आवश्यकता है, जिससे सार्वजनिक धन का उचित उपयोग सुनिश्चित हो।

Published: May 6, 2026