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भाटी माइन्स में 13 साल के किशोर की हत्या, दो नाबालिग गिरफ्तार

भाटी माइन्स, जिला भादोपुर – स्थानीय पुलिस ने सोमवार को 13 वर्षीय किशोर की मौत की जाँच में दो नाबालिग को हिरासत में ले लिया। मृतक का नाम राजेश यादव (13) बताया गया, जिसे देर रात एक मामूली टकराव—जिसे अपराधियों ने "कंधे मिलाना" (brushing shoulders) कहा—के बाद मार डाला गया।

घटना शुक्रवार को भाटी माइन्स के औद्योगिक क्षेत्र के पास एक हवा-पुरानी सड़क पर घटित हुई। पुलिस के अनुसार, दो किशोर (उम्र 15 और 16) ने बेमैनी से जुड़ी झगड़े के बाद मारक इशारा किया, जिसके बाद राजेश की पीठ पर दो बार धक्के मिले। राजेश को तुरंत ग्राम स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ हृदय-रोकने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

स्थानीय पुलिस ने मामला प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के तहत दर्ज किया और दो संदिग्धों को स्थानीय पिटिशन के अंतर्गत गिरफ्तार किया। इन्हें अब भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि प्रारम्भिक जाँच में यह पाया गया कि दोनों नाबालिगों ने पहले भी छोटे‑मोटे झगड़े किए थे, परंतु इस बार इरादा हत्या का था।

भाटी माइन्स नगर परिषद के अध्यक्ष, शरद कुमार ने कहा, "हम इस त्रासदी को गंभीरता से लेते हैं। इस इलाके में युवा वर्ग के लिए पर्याप्त खेल‑स्थल, दोमिंग केंद्र और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं हैं। इस घटना को रोकने के लिए हम तुरंत एक युवा वेल‑फ़ेयर समिति गठित करेंगे और पुलिस के साथ मिलकर नाबालिग अपराधियों के पुनर्वास पर कार्य करेंगे।"

हालांकि, नगर परिषद के कई निवासियों ने इस बयान पर तीखा व्यंग्य किया, यह तर्क देते हुए कि ऐसी अभिव्यक्तियों से केवल शब्दावली भर बढ़ेगी, जबकि वास्तविक सुधार — जैसे उचित रोशनी, फॉर्मल इंटेलिजेंस गार्ड, और नाबालिगों के लिए साक्षरता कार्यक्रम — भीतर नहीं आ रहे।

भाटी माइन्स के स्थानीय पुलिस प्रमुख, इंस्पेक्टर अजय सिंह ने कहा, "प्राथमिक जाँच में हमे इस बात का पता चला कि इस इलाके में पाँच साल से अधिक समय से कोई नियमित सुरक्षा तोड़‑फोड़ और डकैती नियंत्रण इकाई नहीं लगाई गई थी, जिससे किशोर‑किशोरियों में असहयोगिता बढ़ी। हम जल्द ही एक विशेष टीम गठित कर इस सैक्टर में कवरेज बढ़ाएंगे।"

इस घटना ने नगर प्रशासन को सुरक्षा, बुनियादी ढाँचा और युवाओं के लिए सामाजिक‑मनोरंजन सुविधाओं पर पुनः विचार करने पर मजबूर किया है। स्थानीय नागरिक समूह "भाटी युवा मंच" ने कहा, "हम तैयार हैं कि नगरपालिका के साथ मिलकर एक ‘सुरक्षित कोने’ का मॉडल तैयार किया जाए, जहाँ नाबालिगों को अनैतिक सामुदायिक दबाव से बचाया जा सके।"

मामले की आगे की जांच अभी जारी है, जबकि दो नाबालिगों को जेल में रखकर न्यायिक प्रक्रिया के आगे के चरणों का इंतजार है। इस प्रकार की घटनाएं बताती हैं कि बुनियादी शहरी नियोजन और युवा‑विकास नीति में अंतराल को पाटना, किसी भी औद्योगिक एरिया में सामाजिक शांति को स्थापित करने की कुंजी है।

Published: May 7, 2026