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बच्चे की बाइसिकल टक्कर से मृत्यु, पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं
शहर के एक आवासीय कॉलोनी में दोपहर के बाद खेल रहे चार साल के बच्चे को पास से चलती बाइसिकल ने टकरा कर मार डाला। घटना की रिपोर्ट स्थानीय प्रशासन के पास पहुँचने पर भी, किसी भी प्रकार की पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की गई।
पड़ोसी शहरी नियोजन की कमी को इस दुर्घटना का मुख्य कारण मानते हैं। संकरी गलियों में फुटपाथ गायब है, तथा गति सीमा का पालन न करने वाले साइकिल चालकों के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं है। इस तरह की असुविधा को ‘सड़क सुरक्षा को लेकर सदैव ‘अभिनंदन दिवस’ घोषित करने वाले स्थानीय निकाय’ की लापरवाही कहा जा सकता है।
किचकट प्रशासनिक प्रक्रिया के चलते, पीड़ित परिवार ने भी पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करने के बारे में संकोच किया। यह बात उस सामाजिक माहौल को दर्शाती है जहाँ संवेदनशील मामलों में भी औपचारिक रिपोर्टिंग को अनिच्छा से टाला जाता है। परिणामस्वरूप, न केवल मामले की जांच में देरी होती है, बल्कि संभावित दोषी की पहचान और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय भी अधूरे रह जाते हैं।
शहर के स्वास्थ्य विभाग ने मृतदेह की पुष्टि की, जबकि स्थानीय पुलिस ने केवल “घटना के बारे में जानकारी प्राप्त हुई” का बयान दिया, बिना किसी कार्रवाई का उल्लेख किए। यह सिलसिला प्रशासनिक अभाव और नागरिक अधिकारों के टकराव को उजागर करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइकिल चालकों के लिए स्पष्ट लाइसेंसिंग, हेलमेट अनिवार्यता, और फुटपाथ निर्माण जैसे बुनियादी उपायों को तुरंत लागू करना आवश्यक है। वरना, ‘बच्चों के खेल के मैदान’ का दावे वाला यह इलाका ‘डिज़ाइन दोषी’ बन ही रहेगा।
जिन्हें इस दुर्घटना से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ हुआ, वे कहते हैं – “यदि पुलिस शिकायत नहीं दर्ज हुई तो कोई दण्ड भी नहीं होगा, इसलिए कल रात हम फिर से साइकिल चलाने का मन कर रहा है।” इस तरह की बेतुकी तर्कशक्ति पर समाज की जिम्मेदारी और नियामक संस्थाओं की सतर्कता का परीक्षण भी जुड़ा है।
स्थानीय नगरपालिका ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, पर उम्मीद है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही को रोकने के लिए फुटपाथ विस्तारीकरण, गति नियंत्रण और साइकिल चलाने के नियमों को कड़ा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
Published: May 7, 2026