बानर‑बालेवाड़ी में कचरे के ढेर में ‘स्मार्ट’ टैग का नुकसान, नगर निगम पर बढ़ता दबाव
पुने के दो प्रमुख उपनगर—बानर और बालेवाड़ी—में शहर के स्वच्छता कार्यक्रम के तहत स्थापित एक ‘स्मार्ट’ टैग आज कचरे के ढेर के नीचे लुप्त हो गया। यह टैग, जो कचरा संग्रहण के समय और मात्रा की निगरानी करता था, अब अनजाने में फँसकर निचले स्तर की स्वच्छता व्यवस्था की खामियों को उजागर कर रहा है।
नगर निगम की ओर से बताया गया कि टैग को 15 मार्च को स्थापित किया गया था, परन्तु वही तारीख के बाद ही स्थानीय निवासी ने असंगठित कचरा थान के कारण उत्पन्न ढेरों में टैग की अनुपस्थिति महसूस की। जल्दिया किए गए सर्वेक्षण में पुष्टि हुई कि टैग को अनधिकृत कचरा ढेर में दबा दिया गया, जिससे उसकी कार्यक्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई।
यह घटना नगर प्रशासन के पिछले दो वर्षों के ‘स्मार्ट इको‑सॉल्यूशन्स’ पहल की पहली वास्तविक विफलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी समाधान, जब जमीन स्तर की बुनियादी सुविधाओं—जैसे नियमित कचरा संग्रह और अनुचित निपटान के नियम—पर ठीक से लागू नहीं होते, तो वे स्वयं भी भीड़भाड़ में खो जाते हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को ‘शहर की स्वच्छता के लिये एक चेतावनी’ बताया है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका को तुरंत एक विशेष टीम बनानी चाहिए, जो खोए हुए टैग की वैकल्पिक व्यवस्था स्थापित करे और साथ ही अनधिकृत डम्पिंग को रोकने के लिये कड़ा कार्य करे। अभी तक निगम के पास इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं दिखा।
नागरिकों ने सोशल मीडिया पर अपनी असहायता जाहिर की है, परन्तु इस प्रकार के शुष्क व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी शहर के प्रशासन को ‘स्मार्ट’ बनने के सच्चे अर्थ में सोचने की आवश्यकता दर्शाती हैं—क्योंकि अगर स्मार्ट टैग भी कचरे में दमक न सके, तो वास्तविक अभिनव समाधान की तो बात ही नहीं।
Published: May 3, 2026