जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: शहर

विज्ञापन

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?

आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें

बोडाकदेव के दो भू‑पट्टे 365.8 करोड़ में AMC की ई‑नीलामी में बिके

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने बोडाकदेव के दो प्रमुख प्लॉटों को ई‑नीलामी के माध्यम से 365.8 करोड़ रुपये की ओपनिंग बिड पर बेचा, जो शहर के रियल एस्टेट बाजार में अभूतपूर्व मूल्य को दर्शाता है। दोनो प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल लगभग 4,500 वर्ग मीटर है, और दोनों ही बोडाकदेव के हाई‑फ्लाइट विकास क्षेत्रों में स्थित हैं, जहाँ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और आवासीय प्रोजेक्ट का निरंतर शोर है।

ई‑नीलामी प्रक्रिया को AMC ने पारदर्शिता के इशारे के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें ऑनलाइन बिडिंग, रीयल‑टाइम लीडरबोर्ड और स्वतंत्र ऑडिटर्स की भागीदारी थी। फिर भी, इस तरह के उच्च‑स्तरीय प्लॉटों पर दो अंकों के करोड़ों में बिड लगना यह प्रश्न उठाता है कि क्या शहर की भूमि‑विक्री नीतियों में ऐसी विशिष्टता केवल निवेशकों को आकर्षित करने की ही दिशा में मोड़ ली गई है, जबकि आम नागरिक के उपयोगी सार्वजनिक स्थानों में निवेश का अभाव बना रहता है।

भुगतान करने वाले तालिकाकार, जो राष्ट्रीय स्तर के डेवलपर समूहों के प्रतिनिधि माने जाते हैं, ने इस अवसर को ‘भव्य शहरी विकास’ के रूप में वर्णित किया। उनकी इस खरीद का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हुआ, पर अनुमान है कि वे उच्च‑स्तरीय वाणिज्यिक अथवा लक्ज़री आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन का उपयोग करेंगे। इस दिशा में, AMC को 365.8 करोड़ रुपये के राजस्व का उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं, जलाशय मरम्मत या सार्वजनिक परिवहन के विस्तार में करने का वचन दिया गया है, पर इस वादे की पूर्ति की निगरानी के लिए कोई स्पष्ट योजना अभी उपलब्ध नहीं है।

नागरिक समूहों ने इस बिक्री पर यथार्थवादी आशंका जताई है। वे इस बात को उजागर कर रहे हैं कि यदि इतना बड़ा राजस्व सीधे सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश नहीं किया गया, तो शहर के मौजूदा बुनियादी ढांचे की समस्या—जैसे सड़कों का ख़राब होना, जल निकासी में बाधा और सार्वजनिक पार्कों की कमी—को हल करने में यह राशि व्यर्थ ही रहेगी। ऐसे मामले में, उच्च‑मूल्य की भूमि बिक्री को ‘शहरी विकास’ का झूठा कातिल माना जा सकता है।

आगे के कदमों में, AMC को न केवल इस प्रकार के बड़े लेन‑देनों की पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी, बल्कि प्राप्त राजस्व के व्यय का सार्वजनिक ऑडिट भी प्रकाशित करना होगा। नगर के विकास को संतुलित करने के लिए, निवेशकों के मुनाफे के साथ साथ नागरिकों के बुनियादी अधिकारों पर भी समान ध्यान देना अनिवार्य है।

Published: May 7, 2026