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पणजी नगर निगम को पुराने भवनों की स्थिरता रिपोर्टों का इंतजार

पणजी नगर निगम ने कहा है कि वह गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC) से अत्यधिक वृद्ध इमारतों की संरचनात्मक स्थिरता की रिपोर्टों का इंतजार कर रहा है। यह प्रतीक्षा शहर के कई शहरी क्षेत्रों में बढ़ते सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रही है, जहाँ हाल के बारिश के मौसम में कई इमारतों के फव्वारे और दरारें उजागर हुई हैं।

GEC को लगभग 150 पुरानी इमारतों—जिनमें कई राष्ट्रीय विरासत सूची में शामिल संरचनाएँ भी शामिल हैं—की जाँच करने का कार्य सौंपा गया था। प्रारंभिक समय‑सीमा के बाद से रिपोर्टों की रिहाई में लगातार देरी हो रही है, जबकि नगर निगम को आवश्यक उपाय, जैसे सुदृढ़ीकरण या ध्वंस के आदेश, जारी करने के लिए इन दस्तावेज़ों की आवश्यकता है।

नगर निगम के वरिष्ठ प्रशासक ने कहा कि “तकनीकी जटिलताओं और विशेषज्ञों की उपलब्धता में बाधाएँ” कारण हैं, परंतु नागरिक समूहों ने इसे “ब्यूरोक्रेटिक घिसी हुई गोंद” का एक और उदाहरण कहा है। कई निवासी अपनी इमारतों के दरवाजे पर टकटकी लगाए देखते हैं, जहाँ चिपचिपी धातु की फिसलन और फर्श की दरारें एक गंभीर संकेत बन चुकी हैं।

स्थिति को लेकर स्थानीय मीडिया में भी चर्चा हुई है; रिपोर्ट के बिना निगम की कार्रवाई को “कागजों पर पहेली हल करने जैसा” कहा गया है। यदि रिपोर्टें जारी नहीं हुईं, तो संभावित दुर्घटनाओं के दायरे में न केवल संपत्ति क्षति, बल्कि मानव जीवन की हानि भी शामिल हो सकती है।

आलोचक तर्क देते हैं कि नगर निगम को संभावित जोखिमों को कम करने के लिए वैकल्पिक त्वरित उपाय—जैसे अंतरिम सस्थिरीकरण या विशेषज्ञों की त्वरित नियुक्ति—को अपनाना चाहिए, न कि केवल रिपोर्टों के आने का इंतजार करना। इसके अलावा, बजट आवंटन में पारदर्शिता और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया की मांग की जा रही है, ताकि शीघ्र कार्रवाई के माध्यम से नागरिकों के भरोसे को पुनर्स्थापित किया जा सके।

वर्तमान में, निगम ने स्थिरता रिपोर्टों के आगमन का अद्यतन समय सारिणी जारी नहीं की है। इस बीच, शहर के नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी असामान्य आवाज़ या संरचनात्मक बदलाव को तुरंत संबंधित प्राधिकारी को सूचित करने की सलाह दी गई है।

Published: May 5, 2026