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Category: शहर

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पटना में तेज़ बारिश और तूफ़ान से जलजमाव, गांधी मैदान के पास स्थिति बिगड़ी

बिहार की राजधानी पटना ने आज दोपहर तक लगातार तेज़ बारिश, ओले और 60 किमी/घंटा तक पहुंचती हवाओं के कारण गंभीर जलजमाव का सामना किया। सबसे अधिक प्रभाव गांधी मैदान के निकट के क्षेत्रों में देखे गए, जहाँ सड़कों में पानी जमा हो कर गाड़ी चलाना कठिन हो गया और कुछ इमारतों की छतों पर क्षति के संकेत मिले।

नगर निगम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो ‘सुपर साकर’ (ड्रेन क्लियरिंग) मशीनों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया। ये मशीनें निकासी प्रणाली में जमा कचरे को निकालने के लिए प्रयोग की जाती हैं, लेकिन इस मौसम में उनकी क्षमताओं का परीक्षण भी होगा। जलजमाव से ग्रस्त पड़ोसियों को वैकल्पिक मार्ग और अस्थायी जलापूर्ति व्यवस्था की सूचना दी गई।

प्रशासन की तत्परता के बावजूद, कई नागरिकों ने यह सवाल उठाया कि नियमित तौर पर जल निकासी की बुनियादी ढांचे की अनदेखी क्यों की जा रही है। मौसमी बाढ़ को रोकने हेतु शहरी योजना में बड़े बदलाव की मांग पहले भी कई बार सुनाई गई थी, पर अब तक ठोस कदम नहीं दिखे।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले पांच दिनों के लिए, अर्थात 11 मई तक, बिहार में लगातार गरज-तड़ित, तेज़ बवंडर और कभी‑कभी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि इस साल की मौसमी हवाओं में पहले से अधिक नमी और असीमित जलवायु प्रणाली का योगदान है।

शहरी प्रशासन के लिए चुनौती स्पष्ट है: सुपर साकर मशीनों की त्वरित तैनाती से अल्पकालिक राहत मिल सकती है, पर दीर्घकालिक समाधान—जैसे नालियों का उन्नयन, निकास मार्गों का पुनर्निर्माण, और जल निकासी के लिए एकीकृत प्रबंधन—बिना प्रभावी योजना के अस्थिर रहेगी।

इस बीच, पटना के निवासी जलस्तर में बदलाव को लेकर सतर्क हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि अगली बार वही पुरानी ‘पानी-उतार’ नीतियों की बजाय ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

Published: May 7, 2026