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Category: शहर

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प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँचने के लिए ट्रैक पार करते माँ‑बेटी पर फेंके ट्रेन ने वार, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे

बुधवार, 8 मई को एक छोटे शहर के रेलवे स्टेशन पर दो महिलाओं—एक माँ और उसकी बेटी—ट्रैक को पार करके प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँचने की कोशिश कर रही थीं। तभी एक तेज गति से चलती ट्रेन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मृत्यु हो गई। घटना स्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक के किनारे पर कोई पादचारी फुट‑ओवरब्रिज या सुरक्षित पारगमन मार्ग मौजूद नहीं था।

स्थानीय प्रशासन ने कहा कि इस स्टेशन पर यात्रियों की असुविधा को गंभीरता से नहीं लिया गया था, क्योंकि कई बार यात्रियों ने भी ट्रैक को पार करने के लिए मजबूर होने की शिकायत की थी। रेलवे प्राधिकरण ने बताया कि इस वर्ग के छोटे‑से स्टेशनों पर फुट‑ओवरब्रिज के निर्माण हेतु बजट सीमित रहता है, परन्तु सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को अब छोड़ना संभव नहीं है।

पुलिस ने प्रारम्भिक जांच में पाया कि ट्रेन की गति सीमा के भीतर चल रही थी, इसलिए दुर्घटना का कारण मुख्य रूप से पादचारी की अनियोजित ट्रैक पार करना माना गया। फिर भी, वही कारण जिसने कई यात्रियों को नियमित रूप से ट्रैक पर चलना पड़ता है, वह प्रशासनिक लापरवाही से उत्पन्न हुई असुरक्षा को छुपा नहीं सकता।

स्थानीय नागरिक संगठनों ने तुरंत पुलिस और रेलवे को नोटिस दिया, मांग की कि जल्द‑से‑जल्द सुरक्षित फ़ुट‑ओवरब्रिज या ग्रेडेड पैदल मार्ग स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संकेतकों की स्पष्टता और प्रकाश व्यवस्था में सुधार न करने से दुर्घटना का जोखिम बढ़ता रहता है।

शहर के महापौर ने अभिशापित परिवार को आध्यात्मिक और आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया, साथ ही घटना के पश्चात विशेष कार्यदल का गठन कर सुरक्षा उपायों की त्वरित समीक्षा का आदेश दिया। तथापि, पिछले वर्षों में इसी प्रकार की घटनाओं के बाद भी ठोस कार्य नहीं हुआ, इसलिए नागरिकों ने प्रशासन पर भरोसा घटाने की चेतावनी दी।

इस घटना ने न केवल एक अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर किया, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि बजट सीमाओं के बहाने जीवन की कीमत कैसे तय की जा रही है। जब तक रेलवे और नगर प्रशासन मिलकर पादचारी‑सुरक्षित बुनियादी ढाँचा नहीं स्थापित करेंगे, ऐसे दुखद हादसे दोहराए जाने की संभावना बनी रहेगी।

Published: May 8, 2026