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Category: शहर

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प्रयागराज में 2027 के डिजिटल जनगणना की तैयारियां शुरू, प्रशासन से नागरिकों तक उम्मीदें और चिंताएँ

नगर निगम ने 1 जून से शुरू होने वाले 2027 के डिजिटल जनगणना के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया है। शहर के विभिन्न बिंदुओं पर 200 से अधिक टच‑स्क्रीन कियोस्क लगाए गये हैं, जिनमें 5G कनेक्शन और बैक‑अप पावर सप्लाई स्थापित की गई है।

प्रक्रिया की जिम्मेदारी एक निजी टेक फर्म को सौंपी गई है, परंतु यह स्पष्ट किया गया है कि डेटा सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन मानकों का पालन किया जाएगा। नगरपालिका ने पिछले दो वर्षों में 500 कर्मियों को नई सॉफ्टवेयर और डेटा प्रवाह की प्रक्रिया पर प्रशिक्षित किया, जिससे काउंसलर से लेकर एन्कर टेबल तक सभी स्तरों पर तकनीकी साक्षरता बढ़ेगी।

प्रशासन ने शहरी पुलिस को भी विशेष जिम्मेदारी सौंपी है: कियोस्कों के आसपास सुरक्षा गार्ड तैनात किये जाएंगे और साइबर‑हिंसा से बचाव के लिए डेस्क्टॉप मॉनिटरिंग स्थापित की जाएगी। इस कदम से यह आशा जताई जा रही है कि ‘डिजिटल चोरी’ की अफवाहों को मात दी जा सके।

जनसंपर्क विभाग ने शहर के विभिन्न मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। स्थानीय रेडियो, सामाजिक मीडिया और बैनर अभियानों के माध्यम से नागरिकों को अपने प्री‑फॉर्म को ऑनलाइन भरने या निकटतम कियोस्क पर जमा करने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

हालाँकि, कई नागरिकों ने इंटरनेट की अस्थिरता और डेटा गोपनीयता को लेकर चिंता व्यक्त की है। कुछ वार्डों में अभी भी बुनियादी इंटरनेट कवरेज घटिया है, जिससे ग्रामीण‑शहरी अंतर को दिखाने वाला डिजिटल अन्तरसमर बना है। विशेषज्ञों का कहना है कि उपलब्ध कनेक्शन की गति जनगणना के बड़े डेटा सेट को संकलित करने में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

भले ही शहर के कुछ हिस्से अभी भी असमान्य जलजलों का सामना कर रहे हों, डिजिटल डेटा की शुद्धता पर भरोसा किया जा रहा है। यह आशावाद न केवल तकनीकी अडचनों को नज़रअंदाज़ करता है, बल्कि पिछले 2021 के कागजी जनगणना में हुई देरी और त्रुटियों के बाद प्रशासन की आत्मविश्वास में भी झाँकता है।

अंततः, यदि सभी कियोस्क सुचारु रूप से काम करते हैं और नागरिक समय पर जानकारी प्रदान कर पाते हैं, तो यह पहल शहरी योजना, सामाजिक कल्याण और संसाधन वितरण के लिये एक ठोस आधार बन सकती है। परंतु इस भरोसे के साथ प्रशासन को निरंतर निगरानी, फीडबैक तंत्र और तकनीकी अपग्रेड की आवश्यकता भी याद रखनी चाहिए, ताकि डिजिटल जनगणना का उद्देश्य मात्र आंकड़े ही नहीं, बल्कि विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा बनकर उभरे।

Published: May 7, 2026