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Category: शहर

प्रयागराज जंक्शन में आधुनिक अंडरग्राउंड पार्किंग, भीड़भाड़ में राहत की उम्मीद

प्रयागराज रेलवे जंक्शन के पास निर्मित होने वाला आधुनिक अंडरग्राउंड पार्किंग, शहर की लगातार बढ़ती ट्रैफ़िक जाम को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारतीय रेलवे और नगर निगम ने मिलकर इस परियोजना को प्रारम्भ किया, जिसका कार्यकाल जनवरी 2025 से शुरू होकर दिसंबर 2026 तक पूरा होने का अनुमान है।

परियोजना की लागत लगभग ₹४०० करोड़ अनुमानित है, जिसमें शहरी विकास मंत्रालय तथा राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त किया गया है। दो मंजिला संरचना 1,000 वाहनों की क्षमता रखेगी, साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों और स्वयं‑सेवा पेमेन्ट प्रणाली की व्यवस्था होगी। सुविधाजनक प्रवेश‑निकास के लिये दो बड़े संवेदी लिफ्ट और आपातकालीन निकासी मार्ग भी निर्मित किए जा रहे हैं।

प्रशासनिक तौर पर यह पार्किंग प्रयागराज नगर निगम (PNC) और भारतीय रेलवे के संयुक्त निगरानी में चल रहा है। निर्माण अनुबंध भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी (IRCON) को दिया गया है, जबकि रखरखाव एवं संचालन हेतु एक सार्वजनिक‑निजी साझेदारी (PPP) मॉडल अपनाया गया है। समय‑समय पर सार्वजनिक शिकायतों को दूर करने के लिये एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया गया है।

सुविधा के दावों के बावजूद कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे प्रमुख है पार्किंग शुल्क – प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार, दो‑पहियों के लिये ₹५० और चार‑पहियों के लिये ₹१५० रोज़ाना तय किया गया है। नागरिक संगठनों ने कहा कि उच्च शुल्क स्थानीय यात्रियों को लाभ नहीं पहुंचाएगा, विशेषकर मध्यम वर्ग के प्रतिनिधियों के लिए। साथ ही, भूमिगत संरचनाओं में जलसंकट की संभावना को लेकर भी चिंताएँ हैं, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में प्रयागराज में बाढ़ की आवृत्ति बढ़ी है। विशेषज्ञों ने बुलंदावन‑ड्रेनज सिस्टम की पर्याप्त जाँच का आग्रह किया है।

भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए, अण्डरग्राउंड पार्किंग का पूरा प्रभाव अभी देखना बाकी है। अगर योजनाए अनुसार वाहनों को जमीन स्तर से नीचे उतराकर व्यवस्थित किया गया, तो अवैध पार्किंग, सड़क के किनारे खड़े ट्रैफ़िक, तथा रौद्रवादी हलचल में कमी आनी चाहिए। परंतु यदि रखरखाव की निरंतरता नहीं बनी, तो यह संरचना भी कागज़ों पर एक और परियोजना बन कर रह सकती है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि नियमित निरीक्षण और उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया के आधार पर टैरिफ एवं संचालन में आवश्यक समायोजन किया जाएगा।

अंततः, प्रयागराज जंक्शन के इस अंडरग्राउंड पार्किंग की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासनिक सतर्कता, तकनीकी मानकों और नागरिक सहयोग के बीच संतुलन बना रहे या नहीं। यह शहर के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए एक संभावना है, पर साथ ही यह प्रशासन के वादे को वास्तविकता में बदलने की कसौटी भी बनेगी।

Published: May 3, 2026