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Category: शहर

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पुर्णंदर हवाई अड्डे की सड़क कनेक्टिविटी के लिए बजट में फंड मंजूर, लेकिन जमीन पर काम अभी भी रुका

पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) ने पिछले वित्तीय वर्ष के बजट में पुर्णंदर हवाई अड्डे को राष्ट्रीय राजमार्ग और शहरी सड़कों से जोड़ने के लिए आवश्यक फंड की मंजूरी दी। इस कदम को स्थानीय प्रशासन ने अवकाश अवधि में योजनाबद्ध विकास के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि जमीन पर काम की गति से कई निवासियों ने सवाल उठाए।

बजट दस्तावेज़ में कुल ११५ करोड़ रुपये की प्रस्तावित राशि का उल्लेख है, जिसमें नई पहुँच सड़क, पुल, और सिग्नलिंग सुविधा शामिल है। पीएमआरडीए के अनुसार, यह निवेश क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुधार कर आर्थिक गतिविधियों को तेज़ करेगा और भविष्य में हवाई अड्डे के टर्मिनल के उपयोग को बढ़ाएगा।

हालाँकि, परियोजना की शुरुआत से लगभग दो साल बीत चुके हैं और अभी तक कोई ठोस कार्य रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। स्थानीय किसानों और व्यापारी वर्ग ने बताया कि रास्ते के अधिग्रहण प्रक्रिया अभी भी लंबित है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अयोग्य भूमि‑स्वीकार की शंका भी बनी हुई है। सरकारी एजेंसियों ने कहा कि पर्यावरणीय मंजूरी और बोली प्रक्रिया में अनपेक्षित देरी हुई, परन्तु नागरिकों ने इस व्याख्या को “कभी‑कभी बजट के बाद भी काम नहीं होता” के व्यंग्यात्मक अंदाज़ में लिया।

पुराने शहरी विकास के कई प्रकरणों की तरह, इस परियोजना में भी प्रशासकीय प्रक्रियाएँ और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच का अंतर स्पष्ट है। यदि योजना के अनुसार कार्य तेज़ी से पूरा नहीं हुआ तो हवाई अड्डे की संभावित टूरिज़्म और लॉजिस्टिक लाभ नागरिकों तक नहीं पहुँच पाएंगे। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा होगी, बल्कि क्षेत्रीय उद्योगों के लिये अतिरिक्त परिवहन लागत भी बढ़ेगी।

नियंत्रणात्मक दृष्टि से देखा जाए तो बजट में फंड की मंजूरी प्रशासकीय पहल का सकारात्मक संकेत है, परन्तु समयबद्ध कार्य निष्पादन के अभाव में इसे केवल “कागज़ पर अंकुश” कहा जा सकता है। आगे की रिपोर्टों में यह देखना होगा कि पीएमआरडीए कब तक इस वादे को ठोस इमारती रूप में बदलने में सफल हो पाता है, और क्या स्थानीय जनता के धैर्य की सीमा समाप्त होगी।

Published: May 7, 2026