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पुने हवाई अड्डे पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में गिरावट, त्वरित पुनरुद्धार मुश्किल
पुने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (PNQ) ने पिछले तीन महीनों में अपने अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट नेटवर्क में स्पष्ट गिरावट दर्ज की है। एयर इंडिया एक्सप्रेस, ब्रीजेड एयरवेज और कई निजी कैरियर्स ने पुणे‑तीर‑सिंगापुर, पुणे‑डेल्ही‑डुबई जैसी प्रमुख मार्गों को आधे या पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
उड़ानों की घटती संख्या के प्रमुख कारणों में व्यावसायिक माँग का सख़त गिरना, उच्च थ्रूपुट की सीमाएँ और नियामक बाधाएँ सामने आई हैं। बिंबू द्वारा जारी नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, 2025‑26 में पुणे‑विदेशी यात्रियों की संख्या 12% तक घट गई, जबकि यह आँकड़ा राष्ट्रीय औसत से दो गुना अधिक गिरावट दर्शाता है।
शहर प्रशासन ने इस समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस योजना अभी नहीं पेश की है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा टर्मिनलों की क्षमता वृद्धि के लिए आवश्यक अतिरिक्त रनवे और आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग की लंबी प्रक्रिया को देखते हुए, “अभी तत्काल कोई समाधान नहीं है”। इस बयान को शहर के व्यापारिक वर्ग ने “भ्रष्ट नियोजन और धीमी कार्यवाहियों” का प्रतीक मानते हुए अस्वीकार किया।
स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी में आई गिरावट ने निर्यात‑आधारित SMEs को सीधे प्रभावित किया है। “अमेरिका‑भारत व्यापार समझौते की आशा में हमने अब तक आयात‑रूपांतरण के लिए पुणे को हब बनाया था, पर अब हमें मुंबई या दिल्ली के हवाई अड्डों पर निर्भर रहना पड़ेगा,” एक एसीएम कंपनी के सीईओ ने कहा।
पुने नगर निगम ने अपनी ओर से “हवाई अड्डे के विकास को तेज करने” के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के तहत अतिरिक्त निधि आवंटित करने की संभावनाओं की चर्चा शुरू की है, लेकिन इस प्रस्ताव का वित्तीय वर्ष 2027 के बजट में सम्मिलित होना अभी बाकी है।
रिपोर्टर के अनुसार, इस गिरावट का सामाजिक प्रभाव भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। कई प्रवासी परिवारों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए मुंबई या लच्छा द्वार तक अतिरिक्त 2‑3 घंटे का सफ़र तय करना पड़ रहा है, जिससे समय एवं आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
सारांश में, पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी में गिरावट एक बहु‑आयामी समस्या के रूप में सामने है, जिसमें माँग‑आपूर्ति असंतुलन, बुनियादी ढाँचा‑अधिकतम उपयोग, तथा नियामक अड़चनें मूलभूत कारण बन रही हैं। निकट भविष्य में कोई उल्लेखनीय सुधार न दिखने की संभावना के चलते, स्थानीय प्रशासन को जल्द‑से‑जल्द रणनीतिक योजना प्रस्तुत करना आवश्यक प्रतीत होता है।
Published: May 7, 2026