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नालंदा में NEET उत्तरधारा गिरोह को ध्वस्त, तीन प्रतिवादियों को हिरासत

बिहार के नालंदा जिले में पुलिस ने पिछले दिन रात एक विस्तृत दफ्तरी कार्रवाई के तहत प्रतिवादियों के एक छोटे समूह को गिरफ्तार किया, जिन्हें "NEET उत्तरधारा" या "solver gang" के रूप में जाना जाता था। स्थानीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह ऑनलाइन मंचों और मैसेजिंग एप्स के ज़रिए छात्रों को एग्जाम के वास्तविक सवालों के उत्तर प्रदान करता था, जिससे राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NEET) की अखंडता पर सीधा असर पड़ता था।

संध्या के समय, नालंदा पुलिस ने गिरोह के मुख्य ठिकाने का पता लगाया, जहाँ दो कंप्यूटर और कई मोबाइल डिवाइस पाए गए। इन उपकरणों में समाधान फ़ाइलें, कॉपी‑पेस्ट उत्तर, और 2025‑2026 के प्री‑टेस्ट प्रश्नपत्रों के पुराने संस्करण संग्रहीत थे। कार्रवाई में तीन मुख्य सदस्य, दो युवाओं (उम्र 22 और 24) और एक मध्यवयस्क (उम्र 38) को हिरासत में लिया गया। सभी को शेष सामग्री के बरामद होने के साथ साथ आपराधिक अनुक्रमणिका के तहत कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।

जिला प्रशासन ने कहा कि यह गिरोह न केवल परीक्षा‑निर्माण प्रक्रिया को बर्बाद कर रहा था, बल्कि नालंदा के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों के मानसिक तनाव को भी बढ़ा रहा था। "वाकई में, जब उत्तर आधे‑मध्य में धुंधले होते हैं तो प्रश्नपत्र की गंभीरता भी कम हो जाती है," उन्होंने टिप्पणी में कहकर इस अनैतिक प्रथा पर हल्की‑सी व्यंग्यात्मक तंज दिया।

शैक्षिक विभाग ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तरधारा गिरोह जैसी अवैध सेवाओं को रोकने के लिए सभी शिक्षण संस्थानों में कड़ाई से निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने स्थानीय प्रशिक्षण केंद्रों को नोटिस जारी किया है, जिसमें छात्रों को निकटतम आधिकारिक वर्चुअल प्रैक्टिस टेस्ट से परिचित कराने और निजी मंचों पर डेटा शेयरिंग को सख्त दंड के तहत रखा गया है।

नालंदा नगर निगम के प्रमुख ने कहा कि शहरी विकास के तहत मौजूदा इंटरनेट हब और सार्वजनिक लाइब्रेरी की सुरक्षा को बढ़ाया जाएगा, जिससे छात्रों के लिये वैध अध्ययन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी नोट किया कि इस तरह के "सोशल‑मीडिया‑आधारित" धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिये स्थानीय पुलिस को साइबर‑क्राइम यूनिट के साथ मिलकर कार्य करना आवश्यक है।

छात्रों और अभिभावकों की ओर से मिली प्रतिक्रिया मिश्रित रही। कुछ ने कहा कि यह गंभीर कदम परीक्षा‑पुराने ढांचे के सुधार की नींव रखेगा, जबकि अन्य ने चेतावनी दी कि केवल गिरोह को ख़त्म करने से समस्या नहीं सुलझेगी – यदि शिक्षण संस्थाएँ और अभिभावक असली ज्ञान के बजाय शीघ्र परिणाम के लिए झुकते रहेंगे, तो नई गिरोहें उभरने की संभावना बनी रहेगी।

आगे की कानूनी प्रक्रिया में तीन गिरफ्तारियों को आपराधिक न्याय प्रक्रिया के तहत ले जाया जाएगा, और अदालत के समक्ष संभावित सजा में कारावास और आर्थिक जुर्माना दोनों शामिल हो सकते हैं। इस बीच, नालंदा पुलिस ने कहा कि अन्य संभावित सदस्य और सहायक नेटवर्क की जाँच जारी है, और सार्वजनिक सहयोग के बिना इस प्रकार की धोखाधड़ी को पूरी तरह समाप्त करना मुश्किल हो सकता है।

Published: May 5, 2026