जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: शहर

नागपुर के ज़िला परिषद स्कूलों ने एचएससी में 93.45% पास रेट, विज्ञान में उत्कार्ष ने प्रथम स्थान

नागपुर ज़िला पंचायत के तहत चलने वाले 450 से अधिक सरकारी हाई स्कूलों ने इस साल के उच्चतर माध्यमिक (एचएससी) परीक्षाओं में कुल 93.45% पास प्रतिशत दर्ज किया। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन में विज्ञान शाखा में उत्तीर्ण छात्रों में विशेष रूप से एक नाम उभरा – वर्ग 12‑विज्ञान के छात्र उत्कार्ष, जिसने सर्वश्रेष्ठ अंक हासिल कर शीर्ष स्थान हासिल किया। कला शाखा में दो छात्रों ने समान अंक लेकर प्रथम स्थान साझा किया, जिससे इस शाखा में भी प्रतिस्पर्धात्मक माहौल स्पष्ट हुआ।

राज्य शिक्षा बोर्ड ने पास प्रतिशत में इस बढ़ोतरी को "सतत सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत" कहा, जबकि ज़िला परिषद के शिक्षा प्रकोष्ठ ने कहा कि यह परिणाम कई वर्ष पूर्व शुरू किए गए बुनियादी ढाँचा सुधार, प्रशिक्षक क्षमता वृद्धि और छात्र‑केन्द्रित शिक्षण पद्धति के फलस्वरूप आया है।

हालांकि परिणाम प्रशंसनीय है, तो प्रशासन को इस उपलब्धि को स्थायी बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। पिछले वर्षों में कई बार सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, अपर्याप्त लैब उपकरण और अधूरी शैक्षिक सामग्री की शिकायतें सुनी गई थीं। अतः इस बार की सफलता को केवल एक ही परीक्षात्मक वर्ष के साथ नहीं जोड़ा जा सकता; इसे निरंतर निधि प्रवाह, शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण और पारदर्शी निरीक्षण प्रणाली के साथ जोड़ना आवश्यक है।

स्थानीय नागरिक समूहों ने इस परिणाम पर खुशी जताते हुए, प्रशासन से भविष्य में भी इस स्तर को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "सिर्फ परीक्षा के अंक नहीं, बल्कि शिक्षण‑सीखने के वातावरण को स्थायी रूप से उन्नत करना हमारा मूल लक्ष्य होना चाहिए।"

भविष्य में ज़िला परिषद ने शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ कौशल‑आधारित पाठ्यक्रम, डिजिटल कक्षाएं और खेल‑सुविधाओं को विस्तार देने की योजना जारी रखी है। यदि इन पहल को ठोस कार्यान्वयन के साथ आगे बढ़ाया गया तो इस प्रकार की उपलब्धियों की पुनरावृत्ति सम्भव होगी, और नागपुर के सरकारी स्कूल प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यताप्राप्त मॉडल बनाने में मदद मिल सकती है।

Published: May 3, 2026