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दिल्ली हवाई अड्डे पर 24 करोड़ रुपए का गांजा बरामद, तीन यात्रियों को नशा नियंत्रण एक्ट में गिरफ्तार

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के कस्टम दल ने शुक्रवार को एक बड़े स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी को रोकते हुए 24 किलोग्राम से अधिक संशयित बंधु (गांजा) बरामद किया। भारतीय अधिकारीओं ने बताया कि यह सामान थाईलैंड के बैंकॉक से दिल्ली की उड़ान में सवार तीन यात्रियों के साथ लाया गया था।

तीन यात्रियों में सबसे बड़ी मात्रा वाला बंधु उज़्बेक नागरिक के पास पाया गया, जबकि दो अन्य भारतीय ने अलग-अलग स्थानों से समान वस्तु ले जाने की कोशिश की। कस्टम ने सभी को नशा नियंत्रण अधिनियम (NDPS) की धारा 9 के तहत हिरासत में ले लिया और पुलिस को सौंप दिया।

कस्टम आधिकारी ने कहा कि इस तरह का बड़ा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क न केवल सीमा सुरक्षा में चूक को उजागर करता है, बल्कि स्थानीय पोलीस तथा स्वास्थ्य विभाग को भी अतिरिक्त दबाव में डालता है। धनराशि के हिसाब से इस बरामदगी की कीमत 24 करोड़ रुपये से अधिक निर्धारित की गई है, जो इस तरह की तस्करी की आर्थिक आकर्षण को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

नगर निगम के पास इस मामले में कोई प्रत्यक्ष प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, पर दिल्ली की नागरिकों को इस बात की चिंता है कि कब और किन बिंदुओं पर ऐसे वस्तुओं की जाँच नहीं हो पाती। सुरक्षा चक्र में सुधार की मांग करने वाले सामाजिक समूहों ने कहा कि हवाई अड्डे के व्यापक क्षेत्र में तत्काल निरीक्षण बिंदु स्थापित करने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में समान घटनाओं को रोका जा सके।

एक पक्ष यह भी बताता है कि जब हवाई अड्डे पर क़रारी के बदले गांजा मिल रहा हो तो अनुभवी यात्रियों को भी कंधे हिलाने पड़ते हैं। इस सूखे व्यंग्य के पीछे तथ्य यह है कि नियामक प्रक्रियाएँ अक्सर औपचारिकता में फँस जाती हैं, जबकि वास्तविक जोखिमों का सामना करने के लिए ठोस उपायों की कसौटी नहीं खड़ी होती।

सत्ता पक्ष ने बयान देते हुए कहा कि मौजूदा तंत्र का लगातार पुनरावलोकन किया जा रहा है और भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाकर ऐसी तस्करी को जड़ से ख़त्म करने की प्रतिबद्धता है। पिछले साल के समान मामलों की तुलना में इस बार की कार्रवाई तेज़ और अधिक पारदर्शी रही, जो प्रशासनिक तत्परता के सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा सकता है।

अभी तक इस घटना से सीधे तौर पर दिल्ली के सामान्य नागरिकों पर कोई प्रत्यक्ष आर्थिक प्रभाव नहीं दिखा है, पर इस प्रकार की बड़ी तस्करी का पर्दाफाश सार्वजनिक जागरूकता और नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रति भरोसा बढ़ाता है।

Published: May 7, 2026