दिल्ली में मणिपुर जनजातियों ने 3 साल पुरानी जातीय हिंसा के बाद 'नो जस्टिस, नो पीस' का नारा लगाया
नई दिल्ली – मणिपुर के दो प्रमुख जनजातीय संगठनों ने आज राजधानी के साहिप्रांत इलाके में एक विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने 2023 में हुई जातीय हिंसा की तीन वर्षगांठ पर "नो जस्टिस, नो पीस" का नारा दोहराते हुए राष्ट्रीय स्तर पर न्याय की मांग की। यह कार्रवाई लगभग 8 सेक्शन में हुई, जहाँ पुलिस ने जनसमुदाय को नियंत्रित करने के लिये अतिरिक्त बल जुटाया, परंतु कुछ क्षेत्रों में ध्वस्त होने वाले ट्रैफ़िक सिग्नल और अस्थायी रूप से बंद हुए रिवर्सिंग लैंप ने शहर के दैनिक जीवन को कुछ घंटे तक प्रभावित किया।
प्रदर्शन के मुख्य बिंदु थे: दोषी कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासन पर शीघ्र जांच करने का आह्वान, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करना और मणिपुर में स्थायी शांति संरचना स्थापित करना। संगठनों ने कहा कि बीते तीन साल में संबंधित मामलों में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, जबकि कई आरोपित अभी भी जेल से बाहर हैं।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में “अनपेक्षित विसंगतियों” के कारण कुछ हिस्सों में भीड़ नियंत्रण में कठिनाई बताई। प्रशासनिक पक्ष से देखा जाए तो, नगर निगम ने सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम के लिये आवश्यक अनुमति प्रक्रिया को तेज़ करने का दावा किया, परंतु स्थानीय मीडिया के अनुसार, अनुरोधों की स्वीकृति में अक्सर दो‑तीन सप्ताह का विलंब होता है, जो कभी‑कभी आयोजनकर्ताओं की योजना को “टॉफ़ी की तरह धीमी” बना देता है।
नागरिक प्रतिक्रिया मिश्रित रही। कुछ राहगीरों ने प्रदर्शन की वैधता को सराहा, जबकि अन्य ने तेज़ी से बदलते ट्रैफ़िक संकेतकों के कारण अपने दैनिक रास्ते में उत्पन्न बाधाओं से असंतोष जताया। सामाजिक मीडिया पर विश्लेषकों ने कहा कि ऐसा विरोध प्रदर्शन न केवल मणिपुर के मामलों को उजागर करता है, बल्कि दिल्ली की सार्वजनिक व्यवस्था की लचीलापन पर भी सवाल खड़े करता है—जहाँ “सुरक्षा का काम रूटीन में बदल जाता है और रूटीन को न्याय के इंतजार में ठहराव बनना पड़ता है”।
मणिपुर के प्रतिनिधियों ने आगे कहा कि यदि न्यायिक प्रक्रिया में गति नहीं लाई गई, तो ऐसे ही प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी दोहराए जा सकते हैं। इस बीच, दिल्ली प्रशासन ने कहा कि वह सभी वैध मांगों को सुनने और सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिये तैयार है, जबकि यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी बड़े सार्वजनिक सभा के लिये आवश्यक अनुमति और ट्रैफ़िक प्रबंधन को पहले से ही नियोजित किया जाएगा।
Published: May 4, 2026