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दिल्ली मेट्रो ने आगामी मार्गों में मेक‑इन‑इंडिया प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन दरवाज़े लगाएंगे

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने घोषणा की है कि वह अगले साल खोलने वाले तीन नई लाइनों में पूरी तरह से भारतीय निर्माण वाले प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन दरवाज़े (PSDs) स्थापित करेगा। यह कदम न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा को मजबूती देगा, बल्कि ‘मेक‑इन‑इंडिया’ पहल के तहत घरेलू निर्माताओं को सरकारी बड़े‑पैमाने पर प्रोजेक्ट का भागिदारी भी प्रदान करेगा।

जिला प्रमुख और मुख्य अभियांत्रिकी अधिकारी ने बताया कि नई कॉरिडोर – विस्तार‑१ (सुरेश वर्डी – डिल्ली रोड), विस्तार‑२ (जमन ऑक्सीजन – केरसाबो) और विस्तार‑३ (फरुएटन – गॉटिया) – के प्रत्येक स्टेशन पर दो‑तरफ़ा कांच के PSDs लगेंगे। कुल मिलाकर 156 प्लेटफ़ॉर्म पर 312 स्क्रीन दरवाज़े स्थापित किए जाएंगे। निर्माण सामग्री, मोटर और नियंत्रण प्रणाली सभी देश के चयनित सुस्पोर्टेड सप्लायरों से खरीदी जाएगी, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता घटेगी।

DMRC ने बताया कि इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹ 1,250 करोड़ है, जिसमें 70 % बजट भारतीय कंपनियों को सौंपा गया है। स्थानीय उद्योग संघों ने इस फैसले की ‘स्वदेशी उत्पादन को बल देने’ के लिए सराहना की, जबकि कुछ विशेषज्ञों ने लागत-प्रभावशीलता पर सवाल उठाया, कि क्या महंगे आयातित विकल्पों की तुलना में यह विकल्प वास्तविक में कम खर्चीला सिद्ध होगा।

यात्रियों की सुरक्षा के संदर्भ में यह कदम काफी आवश्यक प्रतीत होता है। 2024 में प्लेटफ़ॉर्म पर कई घटनाओं में यात्रियों के गिरने की खबरें सामने आई थीं, जिससे सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव बढ़ा। पिछले कुछ सालों में, DMRC ने कुछ प्रमुख स्टेशनों में परीक्षणात्मक स्क्रीन दरवाज़े लगाकर सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की थी, परन्तु बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन में तकलीफ़ें और अनिश्चितताएँ भी रही। इस नई पहल को लेकर प्रशासनिक स्तर पर यह उल्लेखनीय है कि दिल्ली उच्च न्यायालय की ‘सुरक्षा मानकों में लापरवाही’ के मामले में आई कार्रवाई के बाद तेज़ी से निर्णय ले रहा है।

प्रक्रिया के दौरान कुछ छोटे‑छोटे प्रशासनिक अड़चनें सामने आईं। विशेष रूप से, तकनीकी मानकों के अनुरूप स्थानीय सप्लायरों को चुन्ने में समय‑सारिणी का संशोधन करना पड़ा, जिससे आरंभिक लक्ष्य तिथि में 6 महीने के विलंब की संभावना उत्पन्न हुई। तथापि, DMRC के जनसंचालन अधिकारी ने कहा कि यह “अवसर का उपयोग करके हमारी तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाना” का एक सकारात्मक पहलू है।

नागरिकों के लिए प्रत्यक्ष लाभ स्पष्ट है: स्क्रीन दरवाज़े प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रैक वाले ट्रेनों की ग़लती से आने‑जाने वाले दुर्घटनाओं को न्यूनतम करेंगे, और तेज़ी से चलने वाले ट्रेन के प्रवाह को बेहतर नियंत्रण देंगे। यह विशेषकर पीड़ित समूहों – बुजुर्ग, विकलांग और छोटे बच्चों वाले यात्रियों – के लिए राहत का कारक होगा।

आलोचनात्मक दृष्टिकोण से देखें तो, कई नगरवासी इस बात से चिंतित हैं कि नई तकनीक के रख‑रखाव और मरम्मत के लिए नियमित खर्चे कितना बढ़ेगा, और क्या इससे टिकट मूल्य में दर‑बढ़ोतरी का खतरा नहीं रहेगा। प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि रख‑रखाव के लिए स्थानीय सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे और खर्चा राजस्व में वृद्धि के बजाय “संचालन की विश्वसनीयता” के माध्यम से दीर्घकालिक फायदेमंद सिद्ध होगा।

समग्र रूप से, मेक‑इन‑इंडिया प्लेटफ़ॉर्म स्क्रीन दरवाज़े दिल्ली मेट्रो के भविष्य के विकास योजना का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल सुरक्षा मानकों को ऊँचा उठाता है, बल्कि राष्ट्रीय उत्पादन को भी प्रोत्साहित करता है। प्रशासनिक त्वरित कार्यवाही, उद्योग सहयोग और नागरिक उम्मीदों के बीच संतुलन बनाना इस परियोजना की असली परीक्षा होगी।

Published: May 5, 2026