दिल्ली मेट्रो का 97-किमी चरण‑V(b) विस्तार, उपनगरों में नई लाइनें
मुख्य मंत्री रीखा गुप्ता ने आज दिल्ली मेट्रो के चरण‑V(b) योजनाकी घोषणा की, जिसमें 97 किमी ट्रैक, सात नई लाइनें और 65 स्टेशन जोड़ने का प्रावधान है। यह पहल नजफगढ़, नरेला, फरीदाबाद, जिरोली और अन्य उपनगरों को सीधी रैपिड ट्रांज़िट सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पर्याप्त जनसंख्या वाले इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की माँग कई सालों से बढ़ती जा रही थी। पिछले चरण‑IV में प्रमुख राजमार्गों पर ट्रैफ़िक जाम और सीमित बस नेटवर्क की कमी को लेकर उत्पन्न हुईं शिकायतों को देखते हुए, दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन ने इस बार उपनगर‑उन्मुख नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा है। प्रशासकीय दस्तावेज़ों के अनुसार, प्रथम चरण‑V(b) का कार्य 2027 के मध्य तक पूरा करने का अनुमान है, जबकि वित्त पोषण के लिए राज्य और केंद्र दोनों से अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है।
सिर्फ नई लाइनें ही नहीं, बल्कि मौजूदा सुविधाओं के साथ समन्वय भी प्रमुख है। योजना में मौजूदा अंडरग्राउंड स्टेशनों को 'हब‑एंड‑स्पोक' मॉडल में बदलने, पार्क‑एंड‑राइड की व्यवस्था बढ़ाने और इलेक्ट्रिक बस सैंक्शन के साथ मल्टी‑मॉडल कनेक्टिविटी स्थापित करने का प्रावधान है। हालांकि, इस परिप्रेक्ष्य में प्रशासन के वादे और वास्तविक कार्यान्वयन के बीच अक्सर अंतर रह जाता है—जैसे कि पिछले बड़े परियोजनाओं में निर्माण के दौरान धूल, शोर और समय‑सारिणी में बार‑बार परिवर्तन हुए थे।
नागरिकों के दृष्टिकोण से यह विस्तार कई संभावित लाभ लाता है: यात्रा समय में कमी, अधिक आवागमन विकल्प और निजी वाहन पर निर्भरता में गिरावट। फिर भी, कुछ विशेषज्ञ इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि नई लाइनों का उपयोग तभी सफल होगा जब टिकट मूल्य, शेड्यूल की विश्वसनीयता और अंतिम‑माइल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जाए। विनाशकारी ट्रैफ़िक जाम को कम करने के लिए, प्रशासन को 'सिर्फ लाइनें बनाना' नहीं, बल्कि 'परिवहन का सामंजस्य' बनाते रहने की आवश्यकता है।
लॉजिस्टिक चुनौतियों को देखते हुए, योजना में तैयारियों के दौरान कड़ी निगरानी और समय‑समय पर सार्वजनिक सभाएं आयोजित करने की व्यवस्था भी शामिल है। अगर इस बार परियोजना की गति और पारदर्शिता में सुधार हुआ, तो दिल्ली मेट्रो का यह 97‑किमी विस्तार न केवल उपनगरियों को जोड़ने में मदद करेगा, बल्कि राजधानी क्षेत्रों के विस्तारित विकास मॉडल को भी नया दिशा‑निर्देश देगा।
Published: May 3, 2026