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दिल्ली के भालस्वा डेयरी में 22‑साल के नर्तक मोहित पर मित्रों का ग़ैरक़ानूनी हमला, रेलवे ट्रैक पर फेंक कर गंभीर चोट
दिल्ली के उत्तर‑पश्चिमी इलाके में स्थित भालस्वा डेयरी सेक्टर में 22‑साल के नर्तक मोहित (नाम बदलकर) को दो या तीन परिचित मित्रों ने अत्यधिक हिंसात्मक तरीके से हमला किया और उसे ढहते हुए रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। घायल युवक को तुरंत एमआरआई में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने घातक रूप से क्षतिग्रस्त टांग और कंकालीय हड्डियों के कारण समाप्ति (लेग एन्सेशन) की संभावना जताई।
स्थानीय पुलिस ने प्रथम प्रतिक्रिया के रूप में घटनास्थल पर जाँच शुरू की, पर परिवार के सदस्यों ने बताया कि अपराधियों की पहचान, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग तथा फौरन अपराधियों को रोकने में ग़ैर‑सही कदम उठाए गये। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआती शिकायत के बाद भी उचित कार्रवाई नहीं की, जिससे दुबारा हिंसा के संभावित जोखिम में वृद्धि हुई।
भालस्वा डेयरी अपने सीमित आधारभूत सुविधाओं और अपर्याप्त सुरक्षा उपायों के लिए पहले भी कई बार आलोचना का शिकार रहा है। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर नागरिक सुरक्षा के लिये जिम्मेदार संस्थाओं – नगरपालिका, पुलिस और स्थानीय प्रशासन – की स्पष्ट जवाबदेही को प्रश्नांकित किया है।
न्यूज़ एजेंसियों ने प्राप्त सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिसमें स्पष्ट रूप से दो या तीन व्यक्तियों द्वारा मोहित को धक्का देकर ट्रैक पर गिराते हुए दिखाया गया है। फुटेज में यह भी दर्शाया गया कि अपहारा समूह के सदस्य घटना के बाद तुरंत ही साइट पर से हट जाएँ, जबकि पुलिस एम्बुलेंस की आवाज़ें सुनाई देती हैं।
परिवार ने तुरंत एक लिखित शिकायत दर्ज कराई और मौखिक रूप से पुलिस स्टेशन प्रभारी अधिकृत से मुलाकात की, पर उन्होंने अभी तक इस मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं देखी। उन्होंने स्थानीय विधायक और दिल्ली सरकार के सामाजिक न्याय विभाग को भी सूचित कर अनुरोध किया कि इस तरह के घोटालों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये कड़े कदम उठाए जाएँ।
किसी भी शहर की बुनियादी ढाँचा नीति तभी सफल मानी जाएगी जब वह “पहले नागरिक, फिर वाहन” के सिद्धांत पर आधारित हो। इस केस में रेलवे ट्रैक के पास बिना बाड़ की सुरक्षा, सार्वजनिक जागरूकता की कमी और नाबालिगों के बीच हिंसा के प्रचलन ने त्रुटिपूर्ण प्रबंधन को उजागर किया।
न्यायिक प्रक्रिया अभी प्रारम्भिक चरण में है; पुलिस को फौरन सभी संदेहियों को प्राथमिकी दर्ज कर, मामले की फ़ाइल को अदालत में पेश करना अनिवार्य है। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों के निकट मौजूद रेल लाइनों के प्रबंधन में नगर निगम को अतिरिक्त सुरक्षा बाड़ और सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में इसी प्रकार की घटितियों को रोका जा सके।
Published: May 8, 2026