दुर्घटना में दो युवाओं की मौत, सड़क सुरक्षा की लापरवाही पर सवाल
30 अप्रैल को रात के करीब नौ बजे, शहर के प्रमुख व्यस्त मार्ग, राधा नगर‑बाजार रोड पर दो वाहन चलाते हुए 19‑21 वर्ष के दो युवक अचानक नियंत्रण खो बैठे। एक बड़े गड्ढे और उसके आसपास बिखरे कंक्रीट के टुकड़ों से टकरा कर उनकी दोपहिया सवारी उलझ गई, जिससे दोनों की क्षति अनिवार्य हो गई। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया तथा प्रारंभिक जांच में कहा कि तेज़ी और असुरक्षित सड़क स्थिति प्रमुख कारण रहे।
यह दुर्घटना नगर प्रशासक के सामने एक और गंभीर प्रश्न लेकर आई है। पिछले दो वर्षों में इस मार्ग पर कई बार असमान सतह, जलभराव और प्रकाश व्यवस्था की कमी की शिकायतें दर्ज हुई थीं, परंतु ठेकेदारों की अक्षम्यता और बजट के देर से आवंटन ने कई मरम्मत कार्यों को रोक दिया। नगरपालिका के प्रतिनिधि ने कहा कि 2025‑26 के वार्षिक विकास योजना में इस सड़कों के पुनरुद्धार को शीर्ष प्राथमिकता दी गई थी, परंतु “योजना‑कार्य में अंतराल” को “अप्रत्याशित तकनीकी समस्याओं” के रूप में प्रस्तुत किया गया।
नागरिक समूहों ने इस घटना को एक ‘संकट चेतावनी’ कहा है। उन्होंने तत्काल व्यापक निरीक्षण, गड्ढों की जल्दी भर-पाई और गति सीमा नियंत्रण की माँग की। “शहर की तेज़ रफ़्तार में दो पहियों की तेज़ी की कीमत अब दो जानें रही,” एक स्थानीय सक्रियकर्ता ने चुटीले अंदाज़ में कहा, जो कि कड़वी सच्चाई को उजागर करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने अगले सप्ताह तक प्राथमिक जाँच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया है, जबकि नगर निगम ने “तुरंत रूटीन निरीक्षण” का आदेश जारी किया है। हालांकि, ऐसा प्रतीत होता है कि इस तरह की “तुरंत” कार्रवाई अक्सर ‘तुरंत’ शब्द की ही सीमाओं तक ही रह जाती है। इस बीच, स्थानीय प्रशासन के ऊपर दोहरी दावेदारी उठी है: दुर्घटना की जाँच कर तेज़ी से सुधार कार्य शुरू करना और आगामी बजट‑सत्र में इस दिशा में पर्याप्त वित्तीय समर्थन सुनिश्चित करना।
Published: May 5, 2026