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तापी लहर में 1,061 बेघर लोगों को शेल्टर में स्थानांतरित: नगर निगम की तेज़ कार्रवाई पर मिली मिश्रित प्रतिक्रिया
तेज़ धूप और 45 °C से ऊपर बढ़ती तापमान ने दिल्ली को असहनीय गर्मी की मार दी, जिससे कई बेघर नागरिकों को जल निकासी, धुंध और एसी के बिना रात बितानी पड़ रही थी। नगर निगम ने इस परिस्थिति को देखते हुए 1,061 बेघर व्यक्तियों को विभिन्न सार्वजनिक शेल्टर में स्थानांतरित करने का आदेश दिया।
नगर निगम के प्रमुख ने बताया कि इस कार्य में 12 शेल्टर, दो मोबाइल पानी‑वितरक यूनिट और पुलिस की गश्त शामिल है। कार्यवाही के दौरान स्थानीय एनजीओ और स्वयंसेवी समूहों ने भी सहयोग दिया, जिससे शेल्टर में बिस्तर, पंखा और बच्चों के लिये हल्की पोषण सामग्री उपलब्ध कराई गई।
हालांकि, यह आंकड़ा शहर में कुल लगभग 6,000 बेघर लोगों में से केवल छोटे हिस्से को कवर करता है। कई सामाजिक कार्यकर्ता इस बात को उजागर कर रहे हैं कि मौजूदा शेल्टर सुविधाएँ अक्सर ओवरक्राउडेड रहती हैं और गर्मियों में अतिरिक्त रसोई एवं शौचालय सुविधाओं की कमी बनी रहती है।
आलोचना में यह भी शामिल है कि गंभीर ताप प्रतिबंध के लागू होने के कई दिन बाद ही इस बड़े पैमाने पर पुनर्वास कार्य की शुरुआत हुई, जबकि पहले कुछ हीड़ली सड़कों पर पसीने से लथपथ बेघर लोगों के लिए नहीं ठहरी। एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी के रूप में कहा गया, “सूरज ने भी अब नगर निगम से एपॉइंटमेंट बुक कर ली, वरना ये शेल्टर फलते‑फूलते नहीं।”
प्रशासन ने इस बात को स्वीकार किया कि भविष्य में ऐसे आपातकालीन कदमों की त्वरित योजना बनाना आवश्यक है, और मौजूदा शेल्टर के बुनियादी ढांचे को सालाना गर्मी परिदृश्यों के साथ समन्वयित करने का प्रस्ताव रखा है।
साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने शेल्टर में ताप-संवेदी रोगों की निगरानी के लिए मोबाइल हेल्थ क्लीनिक तैनात किया है, जिससे जलशोषण एवं हाइपर्निया के जोखिम को कम किया जा सके।
स्थानीय नागरिकों ने इस कदम को मिश्रित रूप में देखा: कुछ ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की, जबकि अन्य ने कहा कि शेल्टर का प्रबंधन अक्सर “एक अस्थायी कफ़र” जैसा महसूस कराता है, जो दीर्घकालिक समाधान नहीं प्रदान करता।
भविष्य में, शहरी योजना में बेघर जनसंख्या को ध्यान में रखकर स्थायी आवासीय प्रोजेक्ट, जल‑सुरक्षित सार्वजनिक स्थल और श्वेत‑ऊर्जा‑संचालित ठंडे केंद्रों का निर्माण आवश्यक माना जा रहा है।
Published: May 7, 2026