तीन डॉक्टरों की टीम ने शहर के पास मृत सकोर्डा बाघ की पोस्टमोर्टेम की
इंदौर के उत्तरी सीमा पर स्थित जंगली इलाके में मंगलवार सुबह सकोर्डा नामक बाघ की मृत शरीर मिला, जिससे नगर निगम को तुरंत स्थिति संभालने के लिए दबाव उत्पन्न हुआ। तीन अनुभवी पशु चिकित्सकों की गठित टीम ने जल्द ही पोस्टमोर्टेम कर दोपहर 2 बजे तक निष्कर्ष प्रस्तुत किया।
रिपोर्ट के अनुसार बाघ को गंभीर धक्के और अंतःशिरा विषाक्तता के संकेत मिलते हैं, जो संकेत देते हैं कि संभवतः बाघ ट्रैकिंग के दौरान प्रयुक्त अण्डर‑ग्राउंड ट्रैप में फँस गया था। रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में नगर निगम ने दो दिन का विलंब किया, जिससे नागरिकों में प्रशासन की तत्परता पर सवाल उठे।
स्थानीय वन विभाग ने कहा कि बाघ स्वाभाविक रूप से बंसमर क्षेत्र के निकट आवासीय बस्ती के विस्तार के कारण अपना मार्ग बदल रहा था। जबकि शहरी विस्तार में तेजी से कई सड़कों, नाली और बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है, वन्यजीव corridors का उचित प्रबंधन न करने को पुलिस‑प्रशासन ने ठंडी प्रतिक्रिया दी।
सरकार के जिलाधिकारी ने घोषणा की कि भविष्य में ऐसे घटनाओं से बचाव हेतु नई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें बाघ प्रवास मार्गों की मानचित्रण और बस्ती-वन्यजीव सीमाओं पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी शामिल होगी। परंतु पिछले दो वर्षों में शहर के जल निकासी एवं सड़क निर्माण में कई बार पर्यावरणीय आकलन को नजरअंदाज किया गया है, जिससे इस नीति की वास्तविक प्रभावशीलता पर शक बना रहता है।
नागरिक समूहों ने इस मामले को ‘शहर के विकास का बलिदान’ कहकर आलोचना की। उन्होंने मांग की कि नगरपालिका तुरंत बाघ के लिए सुरक्षित पारगमन मार्ग बनाए और भविष्य में बुनियादी ढांचा निर्माण से पहले स्वतंत्र पर्यावरणीय ऑडिट कराए। नगर निगम के प्रशासनिक प्राधिकरण ने कहा कि वित्तीय बाधाएं कारण बन रही हैं, परंतु उन्हें “जमीनी स्तर पर कार्यवाही में देरी” का दोष नागरिकों से नहीं हटाना चाहिए।
इंदौर नगर निगम ने अंततः एक पूरक रिपोर्ट जारी कर बाघ के शरीर से एकत्रित नमूनों को राज्य वन्यजीव रोग विज्ञान केंद्र में भेजने का प्रस्ताव रखा। जबकि वैज्ञानिक जांच आगे बढ़ेगी, शहर के नागरिकों को अब यह देखना होगा कि इस त्रिपक्षीय जांच के परिणाम कब और कैसे सार्वजनिक नीति में प्रतिबिंबित होते हैं।
Published: May 4, 2026