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Category: शहर

डिआ.एस. स्वामी ने नाशिक ग्रामीण में एसपी का पद संभाला

नाशिक ग्रामीण पुलिस विभाग की कमान अब डिएएस स्वामी को मिली है। इन्होंने पिछले पाँच वर्षों में कई संवेदनशील अनियमितताओं को सुलझाकर वरिष्ठ पद की बेंच पर जगह बनायी, जिससे इस नियुक्ति को स्थानीय प्रशासन ने "समय पर आवश्यक कदम" कहा।

नाशिक ग्रामीण, जो कृषि‑केंद्रित क्षेत्र है, में पिछले वर्ष अस्थायी फसल‑बाजारी थ्रेड, जल‑संकट और अनियंत्रित रेत‑खनन जैसी समस्याएँ नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर छाया बिठा रही थीं। पुलिस को अक्सर इन घटनाओं के पीछे के संगठित कार्टेल को तोड़ने में असफलता का दोषी ठहराया गया, जबकि स्थानीय प्रशासन के लापरवाह नियोजन को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता।

स्वामी अधिकारी ने शपथ लेते ही पहले तीन दिनों में तीन प्रमुख बिंदुओं को प्राथमिकता दी: नाशिक‑समुंदर रोड पर तेज गति वाले वाहनों पर रोक, अवैध खनन स्थल पर कठोर जाँच, और ग्रामीण बस स्थलों की एनजीओ‑संचालित सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना। इन कदमों को नागरिकों ने “आखिरी आशा की किरण” कह कर सराहा, परन्तु उनके अनुयायियों में यह भी चर्चा है कि “किसी भी एंट्री का हल्का कारनामा” अभी तक नहीं दिखा।

शहर की नगरपालिका और पुलिस विभाग के बीच अक्सर “जिम्मेदारी की टांग खींच” की खबरें आती रही हैं। इस बिंदु पर स्वामी ने प्रशासनिक आदेशों को लिखित रूप में प्रकट कर, विभिन्न विभागीय बैठकों को साप्ताहिक करने का प्रस्ताव रखा। ऐसा करने से “बजट की बारीकी से परखा” जाने वाला कार्य‑प्रवाह स्थापित हो सकेगा, ऐसा उनका तर्क है।

आगे देखते हुए, स्वामी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह न केवल अपराध‑संजाल को तोड़ने में, बल्कि नागरिकों को दैनिक सुविधाओं—जैसे ठीक‑ठाक जल निकासी, सुरक्षित दर्शकों के साथ सार्वजनिक स्थान—के आश्वासन में भी विश्वास दिला सकें। यदि यह संतुलन बन पाता है, तो नाशिक ग्रामीण पुलिस को ‘भुगतान‑शून्य’ के बजाय ‘विश्वास‑शून्य’ से ‘विश्वास‑भरा’ बनाने की दिशा में एक ठोस कदम कहा जाएगा।

Published: May 4, 2026