जयपुर में AFC U-17 महिला एशियाई कप: जापान ने भारत को पराजित किया, शहर की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
22 मई को लाल जलावन स्टेडियम में समाप्त हुए AFC U-17 महिला एशियाई कप के सत्र में जापान ने भारत को 2-0 से हराकर दूसरे हाफ में अपना नियंत्रण स्थापित किया। जबकि मैदान पर खिलाड़ियों की तीव्र प्रतिस्पर्धा ने दर्शकों को रोमांचित किया, शहर के प्रशासनिक तंत्र ने एक और मंच पर प्रतियोगिता का सामना किया।
मैच दिवस के पूर्व, जयपुर मजिस्ट्रेट की निगरानी में ट्रैफ़िक प्रबंधन योजना लागू की गई। हालांकि, मुख्य राजपूत मार्ग पर अपर्याप्त संकेत और सीमित टोल-डिस्प्रिंट के कारण शाम के समय 5 किलोमीटर तक जाम बन गया, जिससे आम नागरिकों को दो घंटे से अधिक विलंब का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय नागरिक संगठन ने ट्वीट किया कि "बच्चों का खेल नज़रअंदाज़ नहीं, लेकिन हमारे रास्ते का खेल तो हर दिन चलता है"।
सफ़ाई विभाग ने स्टेडियम के आस-पास के क्षेत्रों में अतिरिक्त कूड़ेदान स्थापित किए, फिर भी मैच समाप्त होने के बाद लापरवाह कचरे के ढेर पर नजर आई, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या 'विनाइल गंदगी' को भी साफ़ करने की योजना थी या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था में, पुलिस ने 500 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया, परन्तु लाइटिंग की कमी और कुछ खंडों में बेतरतीब झाँसी के कारण भीड़ नियंत्रण में धीरज टूट गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर लाइटिंग और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्ताओं का अभाव, न केवल दर्शकों की सुरक्षा बल्कि शहर की छवि को भी धूमिल कर रहा है।
वाणिज्य विभाग ने इस अवसर पर स्थानीय व्यापारियों को लाबररेटरी मूल्य पर बेवरेज और स्नैक्स बेचने की अनुमति दी, परन्तु अस्थायी बिजली कटौती ने कई स्टॉल को बंद कर दिया। इससे न केवल आय में नुकसान हुआ, बल्कि आगजनी की दोहरावदार घटनाओं की संभावना भी बढ़ी, जो नगर प्रशासन के लिए एक चेतावनी बनी है।
शहर के मेयर कार्यालय ने चे निवेशन के रूप में कहा कि "अगले बड़े आयोजन के लिए हमने बुनियादी ढाँचा सुधारा है, परन्तु समय-सारिणी में लचीलापन नहीं"। यह उत्तर बास्केटबॉल कोर्ट पर बने संयमित व्यंग्य जैसा प्रतीत होता है—सभी चीज़ें तैयार हैं, पर टॉस‑टाइम तक नहीं पहुँच पातीं।
निवासियों के बीच इस मैच को लेकर मिश्रित भावनाएँ हैं: जहाँ कुछ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के युवा खिलाड़ियों की सराहना की, वहीं अन्य ने शहर की बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर तीव्र असंतोष व्यक्त किया। पुस्तकालयों, जल आपूर्ति और सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट की नियमित समस्याओं को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि एक बड़े खेल आयोजन के लिए "तैयारी" शब्द का अर्थ केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
भविष्य में, यदि जयपुर को राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक खेल आयोजनों को समेटना है, तो बुनियादी ढाँचा, परिवहन और सुरक्षा के समग्र पुनरावलोकन पर तत्काल कार्यवाही अनिवार्य होगी। नतीजा यही है—जापान ने मैदान पर जीत हासिल की, लेकिन शहर का प्रशासनिक प्रदर्शन अभी भी दोहरे लक्ष्य के सामने खड़ा है।
Published: May 6, 2026