जजपुर में धाबीबरा विषाक्तता से 58 लोग अस्पताल, 27 बच्चे शामिल
ओडिशा के जजपुर जिले में स्थानीय विक्रेता द्वारा बेचे जा रहे ‘कट्टा धाबीबरा’ खाने के बाद 58 लोगों को, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल हैं, अस्पताल भर्ती कराना पड़ रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रारम्भिक रिपोर्ट में बताया कि अधिकांश मरीजों को उल्टी और बुखार जैसे लक्षण दिख रहे हैं, जो खाद्य विषाक्तता का संकेत है।
घटना के बाद जिला स्वास्थ्य समिति ने तुरंत खाद्य और जल नमूनों का संग्रह किया है और प्री‑एनालिसिस के लिये प्रयोगशालाओं को भेजा है। समन्वित जांच टीम में जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी, जिला चिकित्सक, तथा खाद्य सुरक्षा निरीक्षक शामिल हैं। निरीक्षण दल ने विक्रेता की दुकान की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के स्रोत और रख‑रखाव की स्थिति की जांच करने का आदेश दिया है।
स्थानीय प्रशासन ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने हेतु निलंबित लाइसेंस, नियमानुसार सफाई प्रमाणपत्र और नियमित निरीक्षण की पुनर्समीक्षा का प्रस्ताव रखा है। नगर निगम के प्रमुख ने कहा, “भोजन की गली में धाबीबरा का स्वाद तो जनता को पसंद है, पर पेट की सुरक्षा को समझना भी ज़रूरी है।” यह टिप्पणी व्यंग्यात्मक स्वर में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरण की कठोरता पर संकेत देती है, जबकि यह भी दर्शाती है कि नियमों का पालन कब तक अनिवार्य माना जाएगा।
इसी सप्ताह के भीतर स्थानीय पुलिस ने घटना स्थल की CCTV फुटेज की मांग की है, ताकि विक्रेता की विक्रय प्रक्रिया और संभावित लापरवाही के सबूत इकट्ठा किए जा सकें। पुलिस ने कहा कि यदि जांच में लापरवाही या धोखाधड़ी के संकेत मिलते हैं तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
समुदाय के कई लोग इस घटना से निराश हैं। “इक दिन के लिए धाबीबरा खा कर अब बच्चा स्कूल नहीं जा पाएगा,” एक अभिभावक ने कहा। इस प्रकार की घटनाएँ नगर प्रशासन की खाद्य सुरक्षा पर भरोसा घटा देती हैं, और आगे के सुधारात्मक कदमों की आवश्यकता स्पष्ट करती हैं।
जबतक परीक्षण परिणाम नहीं आते, जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने जनता से सलाह दी है कि समान प्रकार के स्नैक्स से बचें, और यदि कोई लक्षण दिखे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। इस बीच प्रशासन का लक्ष्य है कि भविष्य में ऐसे अल्पकालिक भोजन से जुड़ी स्वास्थ्य‑सुरक्षा संकट को रोकने के लिये अधिक कड़ाई से निरीक्षण लागू किया जाए।
Published: May 3, 2026