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चन्द्रनाथ राठ की हत्या में माँ ने मांगी न्याय, कहा‑‘बीजेपी सत्ता में आए तो सुरक्षा सवाल बन गया’
पटना के उपनगर में 27 दिसंबर को हुए दुखद अपराध में स्थानीय व्यवसायी चन्द्रनाथ राठ की हत्या कर दी गई। मृतक की माँ, श्यामा राठ, ने आज पुलिस स्टेशनी के बाहर मौजूद मीडिया को यह स्पष्ट किया कि वह हत्याकांड की गहन जाँच तथा दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने की मांग कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह क़दम राजनीतिक उथल‑पुथल का प्रत्यक्ष परिणाम है, जो भाजपा के सत्ता‑सिंहासन पर आरोहण के बाद तेज़ी से उजागर हुआ।
राठ परिवार का कहना है कि कई दिन पहले ही उन्होंने स्थानीय पुलिस से सुरक्षा हेतु आवेदन किया था, पर प्रतिक्रिया में देर और संकोच देखकर उन्हें लगा कि सत्ताधारी दल की नीतियों में शहरी गरीबों की सुरक्षा को कम प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल एक ‘स्पेशल जाँच टीम’ का गठन किया, पर अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी। पुलिस ने हत्यारों के संभावित मोटरबाइक का ट्रैकिंग शुरू किया है, पर आरोपियों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने घटना स्थल पर त्वरित वैध्यकरण किया तथा मृत लाश की पहचान के साथ फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की, पर जनता ने इस प्रक्रिया में देरी के कारण प्रशासन पर भरोसा खोना शुरू कर दिया है। कई पड़ोसियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के बाद भी पुलिस बटालियन की पैट्रोलिंग में कोई विशेष परिवर्तन नहीं आया, जिससे स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
शहर के प्रमुख नागरिक अधिकार समूह ने भी इस घटना को ‘सुरक्षा‑प्रणाली की गहरी खामियों’ के रूप में लेबल किया और कठोर कार्यवाही की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि न्यायिक प्रक्रिया में देर होती रही, तो यह न केवल पीड़ित परिवार के लिए बल्कि पूरे शहरी गली के निवासियों के लिए एक नकारात्मक मिसाल स्थापित करेगा।
समाप्ति तक, पुलिस ने अभी तक तीन संदिग्धों को गिरफ्तार नहीं किया है, जबकि राठ की माँ ने दो सप्ताह के भीतर एक सार्वजनिक जाँच का आयोजन करने की घोषणा की है। यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के ‘शहर में शांति व सुरक्षा’ के वादे की सच्ची परीक्षा बन गया है, और यह देखना बाकी है कि न्याय व्यवस्था राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर जल्दी से जल्दी उचित सजा दे पाएगी या नहीं।
Published: May 7, 2026