चंडीगढ़ के तीन किशोर बॉक्सरों ने एशियन यू‑17 चैंपियनशिप में भारतीय टीम में जगह पाई
चंडीगढ़ से तीन युवा मुक्केबाज़ – रणवीर (65 किलोग्राम), गुरसेरात कौर (80+ किलोग्राम) और इशिका (60 किलोग्राम) – ने एशियन यू‑17 बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयनित होकर शहर को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत मेहनत को दर्शाती है, बल्कि चंडीगढ़ के खेल प्रतिभा निर्माण में निहित संभावनाओं का संकेत भी देती है।
हालांकि, इस सफलता के पीछे शहर की खेल बुनियादी ढाँचा और प्रशासनिक सहायता पर प्रश्न उठते हैं। स्थानीय स्वास्थ्य एवं खेल विभाग के पास कई बार नई बॉक्सिंग रिंग और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का वादा किया गया, पर वास्तविकता कई बार अधूरी रही। युवाओं को अक्सर सार्वजनिक जहाँ‑जहाँ टूटे फुटपाथ और अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का सामना करना पड़ता है, जबकि वही स्थान उन्हें प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने की उम्मीद में चुनना पड़ता है।
शहर के मैयर कार्यालय ने पिछले वर्ष खेल संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए बजट में 5 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख किया था, परन्तु इस वृद्धि का अधिकांश भाग मौजूदा खेल क्षेत्रों की रखरखाव पर ही चला गया। परिणामस्वरूप, कई निजी जिम और कोचिंग सेंटर किनारों पर्राकृतिक रूप से काम कर रहे हैं, जबकि नगर निगम की ओर से कोई स्पष्ट दिशा‑निर्देश नहीं मिला।
इन चुनौतियों के बावजूद, रणवीर, गुरसेरात कौर और इशिका ने स्थानीय क्लबों और स्वयंसेवकों के समर्थन से अपने प्रशिक्षण को जारी रखा। उनका प्रदर्शन अब चंडीगढ़ की उन सामुदायिक पहलों को उजागर करता है, जिनमें सीमित संसाधनों के बावजूद जमीनी स्तर पर खेल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व वाली उपलब्धियों को सतत् बनाना संभव है, यदि नगर निगम अपनी प्राथमिकताओं में खेल एवं युवा विकास को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करे। इसमें न केवल नई प्रशिक्षण सुविधाओं का निर्माण, बल्कि प्रशिक्षकों के लिए नियमित विलयों, सुरक्षा मानकों का अनुपालन और खेल संस्थानों के बीच समन्वय शामिल होना चाहिए।
आगामी ताश्कंद प्रतियोगिता में इन तीन बॉक्सरों के प्रदर्शन को देखते हुए, चंडीगढ़ के प्रशासन से उम्मीद की जाती है कि वे इस क्षण को मात्र एक प्रशंसा नहीं, बल्कि दीर्घकालिक खेल नीति के निर्माण का मौका समझें। तभी युवा प्रतिभाओं को निरंतर समर्थन मिल सकेगा, और शहर की खेल महिमा केवल एकबारगी नहीं, बल्कि सतत् चमकेगी।
Published: May 3, 2026