विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?
आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें।
घंटे में एक बच्चा संभोगी शोषण का शिकार, न्याय की राह लंबी: नई आंकड़े
एक नवीनतम सर्वेक्षण ने दिखाया है कि देश के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में हर घंटे कम से कम एक बच्चा यौन शोषण के दिग्दर्शन का शिकार बन रहा है। यह आँकड़ा न केवल सामाजिक सुरक्षा की कमी को उजागर करता है, बल्कि न्याय प्रणाली में मौजूदा लंबी देरी की स्पष्ट तस्वीर भी पेश करता है।
संबंधित नगर निगम ने इस मुद्दे को अपने कार्य‑सूची में जगह दी है, परंतु मौजूदा डेटा से स्पष्ट होता है कि मौजूदा कदम पर्याप्त नहीं हैं। बाल कार्यवाही में औसतन आठ महीने से अधिक का समय लगता है, जबकि कई मामलों में यह अवधि कई सालों तक लंबी हो जाती है। इस बीच पीड़ित बच्चे और उनके परिवार बेमिसाल आघात और सामाजिक कलंक का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय पुलिस ने कहा है कि बाल शोषण के मामलों की रिपोर्टिंग में पिछले दो वर्षों में 30 % की वृद्धि देखी गई है। हालांकि, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अक्सर अनियमित फ़ाइलिंग, अधूरी जांच और अपर्याप्त साक्ष्य संग्रहण की शिकायतें आती हैं। यह स्थिति न केवल पीड़ितों के न्याय पाने की आशा को धूमिल करती है, बल्कि प्रशासनिक अक्षमता की ओर इशारा भी करती है।
शहर के बाल कल्याण विभाग ने कहा कि वह सहायता केंद्रों की संख्या बढ़ा रहा है, परन्तु संसाधनों की कमी और प्रशिक्षित कर्मियों की अपर्याप्तता के कारण कई मामलों में उचित देखभाल नहीं मिल पाती। वाकई, “सहायता केंद्र” शब्द सुनते ही अक्सर खाली कुर्सियों और अधूरी फाइलें ही याद आती हैं।
नागरिक समूहों ने इस पर खुली शिकायत दर्ज की है, जिसमें कहा गया कि प्रशासन प्रायः आँकड़ों को दिखाने‑बिचाने में व्यस्त रहता है, जबकि वास्तविक समाधान के लिए जमीन‑स्तर पर कार्य नहीं करता। उन्होंने न्यायालयों में तेज़ ट्रायल, विशेष फॉरेंसिक टीम और बच्चों के लिए सुरक्षित पहचान प्रणाली की माँग की है।
पूरे शहर के लिए यह एक चेतावनी है: यदि प्रशासनिक लापरवाही और न्याय में अनावश्यक देरी को नहीं रोका गया, तो आँकड़े और अधिक भयानक दिशा में बढ़ सकते हैं। समय पर कार्रवाई, पारदर्शी जांच और पीड़ित‑केंद्रित नीतियां ही इस गंभीर सामाजिक रोग को सीमित कर सकती हैं।
Published: May 7, 2026